DM inspected Sisamau drain, said water not flow out without treatment कानपुर में नवागत जिलाधिकारी ने आज सीसामऊ नाले का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय जल निगम के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी दशा में बिना ट्रीटमेंट के पानी बाहर नहीं आना चाहिए। सारी व्यवस्था दुरुस्त कर लें।
DM inspected Sisamau drain, said- water not flow out without treatment कानपुर के नवागढ़ जिलाधिकारी ने आज सीसामऊ पंपिंग स्टेशन का निरीक्षण किया। इस मौके पर जलकल सचिव सहित विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जलकल विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बिना ट्रीटमेंट के पानी नहीं निकलना चाहिए। इस बात को भी सुनिश्चित कर लिया जाए कि गंगा में सीवेज का पानी नहीं जाए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों की उपस्थिति में खुद ही सवाल किया और उसका जवाब दिया। अधिकारी जिलाधिकारी को सुनते रह गए।
उत्तर प्रदेश के कानपुर के नवागत जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सीसामऊ पंपिंग स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई बहाना नहीं चलेगा। जिससे यह कहा जाए कि बिजली न रहने के कारण पानी बिना ट्रीटमेंट के पानी गंगा जी में गिर रहा है। इसके पहले यह स्थिति पूरी व्यवस्थित कर ली जाए।
कर्मचारियों से बातचीत के दौरान उन्होंने स्वयं ही सवाल किया और जवाब दे दिया। बोले- गंगा में बिना ट्रीटमेंट के पानी गिरने पर आप कहेंगे क्या करें साहब, बिजली चली गई और जनरेटर का क्वायल फूंक गया, फिर मैं पूछूंगा कि सेकंड जनरेटर क्यों नहीं है और अगर सेकंड भी फूंक गया तो थर्ड क्यों नहीं है? कुल मिलाकर बिना ट्रीटमेंट के पानी गंगा जी में नहीं जाएगा। इस बात को सुनिश्चित कर लिया जाए।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि महाकुंभ के दौरान आवश्यक है कि गंगा नदी में सीवेज पानी बिलकुल नहीं जाना चाहिए। सीसामऊ नाला में अभी भी पुरानी व्यवस्था चल रही है। उन्हें बताया गया है कि सिंगल डिस्चार्ज में इससे बड़ा नाला दूसरा नहीं है। इस बात पर कार्य किया जाएगा कि जाजमऊ में जो पानी जा रहा है। वह ट्रीट होकर जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि पंपिंग स्टेशन पर इस बात की व्यवस्था होनी चाहिए कि यदि बिजली नहीं आती है तो अल्टरनेट होना चाहिए। इसके लिए कोई बहाना नहीं चलेगा कि बिजली नहीं आ रही, जनरेटर फेल हो गया। जल निगम के एससी और प्रोजेक्ट मैनेजर को निर्देश दिया गया है कि महाकुंभ के दौरान और उसके बाद भी बिना ट्रीट किये पानी नदी में नहीं जाना चाहिए। ट्रीट के बाद कैनाल में पानी प्रयोग किया जाए। हम इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि यहां की व्यवस्था बहुत अच्छी हो।