मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की कुछ दिक्कतें अब नई तकनीक कम कर देगी. कुल मिलाकर इससे आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को भी इसका फायदा मिलेगा. मेडिकल कॉलेज के संबद्ध अस्पतालों में शुरू किए गए ई-हॉस्पिटल प्रोजेक्ट को आयुष्मान भारत योजना के तहत बनाई गई हेल्प डेस्क से भी जोड़ा गया है.
कानपुर। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की कुछ दिक्कतें अब नई तकनीक कम कर देगी. कुल मिलाकर इससे आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को भी इसका फायदा मिलेगा. मेडिकल कॉलेज के संबद्ध अस्पतालों में शुरू किए गए ई-हॉस्पिटल प्रोजेक्ट को आयुष्मान भारत योजना के तहत बनाई गई हेल्प डेस्क से भी जोड़ा गया है. इससे योजना के लाभार्थियों को इलाज के लिए ज्यादा इधर-उधर नहीं भागना पड़ेगा. उन्हें एक ही जगह पर योजना का लाभ मिल जाएगा.
ऐसी मिली है जानकारी
एलएलआर हॉस्पिटल, बालरोग, अपर इंडिया मेटरनिटी हॉस्पिटल, मुरारी लाल चेस्ट हॉस्पिटल के अलावा जेके कैंसर इंस्टीटयूट व एलपीएस इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी में पिछले दिनों ई-हॉस्पिटल की सुविधा शुरू की गई थी. इसमें मरीजों के पर्चे से लेकर एडमिशन सारी व्यवस्था ऑनलाइन होगी. इसके लिए एलएलआर हॉस्पिटल में ही इसका मेन सर्वर भी बनाया गया है.
बनाई गई है हेल्प डेस्क
हैलट इमरजेंसी में ही आयुष्मान योजना की हेल्प डेस्क भी बनाई गई है, जिसे इससे जोड़ दिया गया है. एलएलआर हॉस्पिटल में किसी आयुष्मान योजना के लाभार्थी का ट्रीटमेंट कैसे होगा इसका पूरा खाका तैयार कर लिया गया है. टर्सरी केयर सेंटर होने की वजह से यहां बड़ी संख्या में रेफर किए गए मरीज भी आएंगे. उन्हें कैसे मैनेज किया जाएगा, इसका भी स्टैंडर्ड तैयार कर लिया है.
ऐसा मिलेगा लाभ
इसकी मदद से हेल्प डेस्क पर पता चल सकेगा कि लाभार्थी है या नहीं. इसके बाद आयुष्मान मित्र आगे का ट्रीटमेंट शुरू कराएंगे. इतना ही नहीं, इमरजेंसी में ही ट्रीटमेंट के लिए एडमिशन होगा. इसके साथ ही लाभार्थी को जिस तरह के पैकेज की जरूरत होगी, उसकी अर्जी अप्रूवल के लिए भेज दी जाएगी. इस दौरान मरीज की जो भी जांचे होंगी वह फ्री की जाएगी. यानी मरीज या उसके तीमारदार को इसके लिए पैसा नहीं देना होगा. ई हॉस्पिटल के तहत जो यूनीक नंबर मरीज को मिलेगा, वही आयुष्मान योजना के लिए इस्तेमाल होगा. पैकेज का अप्रूवल ऑनलाइन ही होगा, अस्पताल की तरफ से क्लेम करने पर 15 दिनों के भीतर ही उसकी रकम हॉस्पिटल के खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी.
ऐसा बताते हैं जानकार
एलएलआर एंड एसोसिएटेड हॉस्पिटल्स के एसआईसी डॉ. आर के मौर्या कहते हैं कि योजना के लाभार्थियों के लिए ट्रीटमेंट का सारा प्रोसेस पहले जैसा ही रहेगा.लाभार्थी का आईडेंटिफिकेशन व एडमिशन इमरजेंसी से होगा. बाकी का सारा काम बैक आफिस से किया जाएगा. जिसके लिए नोडल भी बनाया गया है.
दो का हुआ इलाज
एलएलआर हॉस्पिटल में आयुष्मान लाभार्थियों का इलाज शुरू हो गया है. शनिवार को दो लाभार्थियों को भर्ती किया गया. इनमें से एक लालमन अनुराग हॉस्पिटल से रेफर किया गया था. उसे मेडिसिन आईसीयू में रखा गया. जबकि दूसरी मरीज सरस्वती को गंभीर हालत में भर्ती किया गया. योजना के तहत उसके ट्रीटमेंट में कोई परेशानी न इसके लिए उसका रजिस्ट्रेशन करने के साथ ही पैकेज से जुड़ी सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है.