ब्रिटेन स्थित एक थिंक टैंक की ओर से भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों की पहली बार जारी की गई रैंकिंग में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) का जलवा रहा है. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कानपुर को रैंकिंग में 6वां स्थान मिला है.
कानपुर। ब्रिटेन स्थित एक थिंक टैंक की ओर से भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों की पहली बार जारी की गई रैंकिंग में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) का जलवा रहा है. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कानपुर को रैंकिंग में 6वां स्थान मिला है. क्यूएस इंडिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग में आईआईटी बॉम्बे जहां शीर्ष पर है, वहीं बेंगलुरु स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइसेंज (आईआईएससी) को दूसरा स्थान मिला है. आगे कौन-कौन शामिल है इस रैंकिंग में, आइए देखें.
शामिल हैं ये शहर
इस रैंकिंग सूची में आईआईटी मद्रास तीसरे, दिल्ली चौथे, खडग़पुर पांचवें, रुड़की नौवें और गुवाहाटी 10वें स्थान पर है. देश के विश्वविद्यालयों की बात करें तो पहले 10 स्थानों में हैदराबाद और दिल्ली यूनिवर्सिटी को ही जगह मिली है. इन्हें क्रमश: सातवां और आठवां स्थान मिला है.
पहली बार हुआ है ऐसा
क्यूएस के रिसर्च डायरेक्टर बेन सोवर ने इस बाबत कहा है कि पहली बार जारी की गई यह सूची ब्रिक्स रैंकिंग के समान संकेतकों पर आधारित है. उनके अनुसार, परिणाम बताते हैं कि प्रमुख भारतीय संस्थानों में जहां अनुसंधान करने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, वहीं इस तरह के शोध का असर भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है. क्षेत्रीय जरूरत और वैश्विक गठबंधन के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कम स्वीकारोक्ति के बावजूद नियोक्ता इन संस्थानों को पूरी तरजीह दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि सूची को तैयार करते समय सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों सहित उच्च शैक्षणिक संस्थानों और डीम्ड विश्वविद्यालयों को शामिल किया गया है.
20 संस्थान ऐसे रहे आगे
विश्लेषण के मुताबिक, 20 भारतीय संस्थानों को पीएचडी के साथ कर्मचारियों की श्रेणी में पूरे अंक मिले हैं, जबकि शोध उत्पादकता की बात करें तो नौ संस्थानों को 98.4 से 100 के बीच अंक मिले हैं. 43,000 अंतरराष्ट्रीय नियोक्ताओं के सर्वेक्षण में जहां आईआईटी बॉम्बे, मद्रास, दिल्ली, खड़गपुर, कानपुर और दिल्ली यूनिवर्सिटी ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है.
इनको मिले सबसे ज्यादा वोट
वहीं 83,000 अंतरराष्ट्रीय शिक्षाविदों की ओर से किए गए मतदान में आईआईटी बॉम्बे, दिल्ली और आईआईएससी बेंगलुरु को सबसे ज्यादा वोट मिले हैं. शोध प्रभाव के क्यूएस सूचकांक की बात करें तो केमिकल टेक्नोलॉजी मुंबई टॉप पर है. संकाय और छात्रों के संकेतक की बात करें तो शिवाजी विश्वविद्यालय कोल्हापुर और तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय कोयंबटूर का रिकॉर्ड सबसे बेहतर है.