आइआइटी कानपुर के डिप्टी डायरेक्टर मणीन्द्र अग्रवाल ने गणितीय मॉडल के आधार पर चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अगले 15 दिन बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. कोरोना वायरस की दूसरी लहर के चलते यूपी सहित पूरे देश में कोविड मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। संक्रमण की रफ्तार थामने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। कोविड टेस्टिंग के साथ ही वैक्सीनेशन प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। इस बीच आइआइटी कानुपर के विशेषज्ञों की चेतावनी चिंता का सबब है। आइआइटी कानपुर के डिप्टी डायरेक्टर मणीन्द्र अग्रवाल ने गणितीय मॉडल के आधार पर चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अगले 15 दिन बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। अप्रैल महीने में भारत में रोजाना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा एक लाख पहुंच सकता है, जबकि उत्तर प्रदेश में यह संख्या 6000 मरीज प्रतिदिन हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कोरोना वायरस का संक्रमण कहीं ज्यादा तेज होगा।
आइआइटी के प्रोफेसर महेंद्र वर्मा ने कहा, हालांकि राहत की बात यह है कि दूसरी लहर में वायरस म्यूटेट होकर कमजोर पड़ा है। लेकिन, इन दिनों सभी को बहुत सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सभी लोग कोविड गाइडलाइन्स को फॉलो करें और वैक्सीनेशन करवाएं, इससे कोरोना की रफ्तार को काफी हद तक थामी जा सकती है।
प्रोफेसर ने कहा कि लोगों में प्रतिरोधक क्षमता और वैक्सीनेशन के अच्छे नतीजे भी दिखेंगे। जिसके चलते 15 अप्रैल के बाद केसों में गिरावट शुरू हो जाएगी। लॉकडाउन की जरूरत नकारते हुए प्रोफेसर अग्रवाल ने कहा कि वायरस बहुत ज्यादा असर नहीं कर रहा है। केस बढ़ने के बावजूद अस्पतालों में ज्यादा मरीज नहीं है। जून के अंतिम हफ्ते में केस फिर न्यूनतम स्तर पर पहुंचने की संभावना है।