
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के झांसी-कानपुर हाईवे पर रविवार सुबह बड़ा सड़क हादसा हो गया। इंदौर से लखनऊ जा रही शताब्दी बस मोठ कोतवाली क्षेत्र में अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गई। बस में करीब 40 यात्री सवार थे। हादसे के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों और पुलिस ने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। हादसे में करीब 8 यात्री घायल हुए हैं। सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया।
हादसा मोठ कोतवाली क्षेत्र में स्टेडियम के पास हुआ। रविवार सुबह करीब 6:15 बजे शताब्दी बस इंदौर से लखनऊ की ओर जा रही थी। बस में करीब 35 से 40 यात्री सवार थे। जैसे ही बस हाईवे पर पहुंची, अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस लहराते हुए सड़क किनारे पहुंची और खाई में जाकर पलट गई। बस पलटते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री सीटों के नीचे दब गए, जिन्हें आसपास मौजूद लोगों ने बाहर निकाला।
हादसे की सूचना मिलते ही डायल 112 और मोठ कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस और राहगीरों ने मिलकर बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। कुछ यात्रियों ने बस का शीशा तोड़कर बाहर निकलने का रास्ता बनाया। पुलिस ने सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से मोठ ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने घायलों का इलाज शुरू किया। हालत गंभीर होने पर कुछ यात्रियों को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
बस चालक अजीत ने पुलिस को बताया कि अचानक सड़क पर गाय आ गई थी। उसे बचाने के लिए उसने बस को बाईं ओर मोड़ा, जिसके बाद बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हालांकि, कई यात्रियों ने चालक के इस दावे को गलत बताया। यात्रियों का कहना है कि चालक तेज रफ्तार में बस चला रहा था और ओवरटेक करने के दौरान बस पर नियंत्रण नहीं रख सका।
यात्री शिवा ने बताया कि वह उज्जैन से लखनऊ जा रहा था। उसके अनुसार चालक ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था, इसी दौरान बस सड़क से नीचे उतर गई और पलट गई। यात्री विष्णु गुप्ता ने भी चालक पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बस के सामने कोई गाय नहीं आई थी। यात्रियों के मुताबिक, बस की रफ्तार ज्यादा थी और पहले भी उन्होंने चालक को धीमे चलाने के लिए कहा था।
दुर्घटना के बाद यात्रियों ने चालक और दूसरे चालक से नाराजगी जताई। यात्रियों का आरोप था कि बस तेज गति से चल रही थी और ब्रेकर आने के बाद भी रफ्तार कम नहीं की गई। सीओ मोठ सुनील कुमार ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है और मामले की जांच की जा रही है।