कानपुर और बिठूर के कई घाटों को करोड़ों रुपए लगाकर कायाकल्प किया गया, लेकिन इन घाटों की सूरत न बदल सकी. अब नमामि गंगे योजना के तहत नए सिरे से कानपुर के 20 और बिठूर के 19 घाटों को स्वच्छ बनाने के लिए कार्य किया जाएगा.
कानपुर। कानपुर और बिठूर के कई घाटों को करोड़ों रुपए लगाकर कायाकल्प किया गया, लेकिन इन घाटों की सूरत न बदल सकी. अब नमामि गंगे योजना के तहत नए सिरे से कानपुर के 20 और बिठूर के 19 घाटों को स्वच्छ बनाने के लिए कार्य किया जाएगा. योजना के तहत घाटों पर सफाई के लिए कुल 103 सफाई कर्मचारी नियुक्त किए जाएंगे. वहीं लोगों को घाटों पर स्वच्छता के लिए प्रेरित करने को हर घाट पर श्रद्धा कलश भी रखा जाएगा.
इस योजना पर किया जाना है कार्य
प्रदेश में बिठूर, कानपुर, मथुरा और इलाहाबाद में इस योजना पर कार्य किए जाने हैं. कुल 87 घाटों को साफ किया जाएगा. पूरी योजना में 13 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. कानपुर और बिठूर में कुल 39 घाटों को योजना में शामिल किया गया है. नगर निगम 20 घाटों पर कार्य करेगा और बिठूर क्षेत्र के घाटों को तहसील सदर मेंटेन करेगा. इस योजना सफाई कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट बेस पर लगाया जाएगा.
नहीं बनाई कोई कार्ययोजना तक
इस योजना की कार्ययोजना 2 अगस्त तक न बनाए जाने पर नगर आयुक्त ने सभी अधिकारियों को फटकार लगाते हुए 3 दिन में कार्य योजना बनाकर देने का अल्टीमेटम दिया है.
होंगे ये पांच काम
- सभी घाटों की क्लीनिंग और वॉशिंग.
- क्रिया कर्म वाले घाटों पर वेस्ट का निस्तारण.
- पर्याप्त संख्या में डस्टबिन की स्थापना.
- प्रत्येक घाट पर श्रद्धा कलश की स्थापना करना.
इतने घाटों पर होंगे कार्य
कानपुर - 20 घाट
बिठूर - 19 घाट
इतने सफाई कर्मी होंगे नियुक्त
कानपुर - 64 सफाई कर्मी
बिठूर - 49 सफाई कर्मी
कानपुर के घाट
मैग्जीन घाट, भैरव घाट, गुप्तार घाट, मैस्कर घाट, बाबा घाट, काली घाट, श्याम घाट, कमलेश्वर घाट, गणेश घाट, रानी घाट, गंगा बैराज घाट, कोयला घाट, गोला घाट, सिद्धनाथ घाट, सरसैया घाट, आनंदेश्वर घाट, मौनी घाट आदि.
बिठूर के घाट
ब्रह्मïवर्त घाट, सीता घाट, बारादरी घाट, पत्थर घाट, शुक्ला घाट, भैरव घाट, कौरव घाट, पांडव घाट, छप्पर घाट, राम घाट, महाराज घाट, महिला घाट, जसरानी घाट, सरकारी घाट, श्रवण घाट, लक्ष्मण घाट, हनुमान घाट आदि.