कानपुर

करोड़पति ससुर की मौत पर रोती रही बहू, जांच में वही निकली हत्या की मास्टरमाइंड; जानिए ‘विनीत मिनोचा हत्याकांड’ की पूरी कहानी

Kanpur Medicine Trader Murder Case: 'बहुरानी ने दिए थे पैसे…', कानपुर के करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी नौकर विशाल गौतम ने बताया कि कारोबारी की बहू ने ही ससुर की हत्या के लिए 6 लाख की सुपारी दी थी। आइए सिलसिलेवार समझते हैं, आखिर क्या था पूरा मामला...
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Sep 07, 2026
Kanpur Ratan Orbit Murder Case, Vineet Minocha, Kanpur Police, UP News
कानपुर दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड (फोटो- X/@kanpurnagarpol)

Kanpur Ratan Orbit Murder Case Update: उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुए करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस ने एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा किया है। जिस बहू शालू को ससुर की मौत के बाद फूट-फूटकर रोते और विलाप करते हुए देखा गया था। पुलिस की जांच में वही इस पूरी खौफनाक वारदात की मास्टरमाइंड निकली है। पुलिस ने बहू शालू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच में सामने आया है कि खर्चों पर रोक टोक से नाराज होकर ही बहू ने 6 लाख रुपये की सुपारी देकर ससुर का कत्ल करवाया था।

बाहर नहीं घर के अंदर रची गई थी साजिश

शुरुआत में यह मामला लूटपाट और हत्या का लग रहा था। बेटा सुब्रत और बहू शालू शनिवार रात पार्टी के लिए बाहर गए थे और लौटने पर विनीत मिनोचा का खून से लथपथ शव घर में मिला था। लेकिन पुलिस को शक तब हुआ जब घर से कोई कीमती सामान या नकदी गायब नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने CCTV फुटेज खंगाले, गार्ड से पूछताछ की और पुराने नौकरों का पता लगाया तो हत्या की साजिश घर के अंदर ही रची हुई मिली। मृतक विनीत मिनोचा शहर के बिरहाना रोड पर ‘फार्मा ट्रेडर्स’ नाम से थोक दवा की फर्म चलाते थे और अपने कारोबार को बेटे सुब्रत के साथ मिलकर संभालते थे

पुराने नौकर विशाल ने रची साजिश

सीसीटीवी फुटेज में फ्लैट में दो लोग दाखिल होते दिखे थे। इनमें से एक मृतक का पुराना नौकर विशाल था जिसे 6 साल पहले चोरी के आरोप में नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके बावजूद वह बेटे-बहू के संपर्क में था और अक्सर घर आता रहता था। पुलिस पूछताछ में विशाल ने बताया कि बहू शालू ने ही उसे हत्या के लिए तैयार किया था। विशाल ने पूछताछ में कथित तौर पर बताया कि उसे घर के अंदर की जानकारी थी और फ्लैट में आने-जाने का तरीका भी मालूम था।

परिवार के पार्टी में निकलने के 10 मिनट बाद पहुंचे आरोपी

पुलिस जांच के मुताबिक शनिवार रात करीब 9:36 बजे सुब्रत, शालू और उनका बेटा पार्टी के लिए निकले। उनके निकलने के ठीक 10 मिनट बाद विशाल अपने साथी राजकिशोर के साथ डुप्लीकेट चाबी से फ्लैट में दाखिल हुआ। दोनों करीब सवा घंटे तक अंदर छिपे रहे। रात 10:58 बजे विनीत मिनोचा घर लौटे और दोनों ने उन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उनकी हत्या कर दी।

डुप्लीकेट चाबी से घर में घुसे

पूछताछ में विशाल ने पुलिस को कथित तौर पर बताया कि उसके पास फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी थी। इसी चाबी की मदद से वह राजकिशोर के साथ घर के अंदर दाखिल हुआ था। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल चाकू और आरोपियों के खून से सने कपड़े बरामद करने की बात कही है। वारदात के बाद दोनों आरोपी वहां से फरार हो गए थे। इस पूरी घटना में करीब 112 मिनट का समय लगने की बात पुलिस जांच में सामने आई है।

खर्चों पर रोक टोक से नाराज थी बहू

पुलिस के मुताबिक विनीत मिनोचा भले ही करोड़पति थे लेकिन वह बेटे और बहू के खर्चों पर सख्त नियंत्रण रखते थे। बहू की व्यक्तिगत गतिविधियों और फिजूलखर्ची पर वह अक्सर रोक-टोक लगाते थे। परिवार के भीतर इसी बात को लेकर तनाव की स्थिति बनने की बात सामने आई है। करोड़ों की संपत्ति होने के बावजूद पैसे खर्च करने की आजादी न मिलने से बहू शालू ससुर से बेहद नाराज थी। इसी पारिवारिक तनाव और नाराजगी ने एक खतरनाक साजिश का रूप ले लिया।

6 लाख में तय हुई थी ससुर की सुपारी

जांच में सामने आया है कि बहू शालू ने ससुर की हत्या के लिए विशाल को 6 लाख रुपये की सुपारी दी थी। डील यह थी कि 2 लाख रुपये हत्या के तुरंत बाद और बाकी 4 लाख रुपये 15 दिन के भीतर दिए जाएंगे। पुलिस के अनुसार यह कोई अचानक हुए झगड़े का नतीजा नहीं था, बल्कि पैसे देकर सोची-समझी हत्या कराने की साजिश थी।

पहले हत्या को हार्ट अटैक दिखाने की थी योजना

इस हत्याकांड का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि हत्यारों का पहला प्लान विनीत को सोते समय तकिए से दबाकर मारने का था ताकि इसे हार्ट अटैक या प्राकृतिक मौत का रूप दिया जा सके। लेकिन विनीत अचानक बच्चों के कमरे की तरफ चले गए जहां हत्यारे छिपे थे। लाइट जलते ही हत्यारों को लगा कि अब उनके पास कोई विकल्प नहीं है इसलिए उन्होंने विनीत पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

गार्ड ने कहा रजिस्टर में एंट्री करने के लिए मना किया

इस हत्याकांड में अपार्टमेंट के गार्ड की भूमिका भी बहुत अहम मानी जा रही है। गार्ड ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि उसे फोन पर पहले ही निर्देश मिल गया था कि शुभम अपने दोस्त के साथ आएगा जिसे बिना रजिस्टर में एंट्री किए सीधे अंदर आने देना है। पुलिस अब गार्ड के इस बयान की सच्चाई परखने के लिए CCTV फुटेज और कॉल डिटेल्स खंगाल रही है। अगर यह बात सच साबित होती है तो यह साफ हो जाएगा कि इसी मिलीभगत से हत्यारों के लिए अपार्टमेंट में प्रवेश आसान हो गया।

एनकाउंटर में पकड़े गए दोनों हत्यारे

बता दें कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल डीसीपी (वेस्ट) राजेश कुमार पांडे और एसीपी कल्याणपुर दिलीप सिंह के नेतृत्व में कई पुलिस टीमों का गठन किया गया. पुलिस ने अपार्टमेंट के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, एंट्री रजिस्टर को जब्त किया और डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) को अपने कब्जे में लिया।

इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर जवाहरपुरम के पास एक एनकाउंटर में विशाल और राजकिशोर को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के पैरों में गोली लगी थी। उनके बयानों और पुलिस की कड़ी जांच के बाद अंततः हत्या की मुख्य साजिशकर्ता बहू शालू को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक अब तक की जांच में बहू शालू, पूर्व नौकर विशाल और राजकिशोर की भूमिका सामने आई है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में आगे की जांच जारी है।

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