कानपुर

Kanpur News:चालान का झांसा, मोबाइल हैक… मिनटों में उड़ाए 3.70 लाख रुपये

Cyber Fraud:कानपुर में साइबर ठगों ने चालान मैसेज के जरिए मोबाइल हैक कर युवक के क्रेडिट कार्ड से 3.70 लाख रुपये निकाल लिए। बिना ओटीपी ट्रांजेक्शन हुए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है।
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Apr 09, 2026
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प्रतीकात्मक तस्वीर

कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सैयद नगर निवासी मोहिदउद्दीन को 17 मार्च की दोपहर करीब 12:30 बजे वाहन चालान से जुड़ा एक मैसेज मिला। मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही उनके मोबाइल में एक संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड हो गई। हालांकि उन्हें शक हुआ और उन्होंने फाइल तुरंत डिलीट भी कर दी, लेकिन तब तक साइबर ठग अपना काम कर चुके थे। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अनजान लिंक पर क्लिक करना कितना खतरनाक हो सकता है।

कैसे हुई ठगी की वारदात

पीड़ित के अनुसार, मोबाइल से APK फाइल हटाने के बावजूद उसी रात 9:05 बजे से 9:20 बजे के बीच उनके अलग-अलग क्रेडिट कार्ड से कई ट्रांजेक्शन हो गए। कुल मिलाकर 3,70,697 रुपये खाते से निकाल लिए गए। ठगों ने अमेजन के जरिए ऑनलाइन शॉपिंग भी की। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि इस दौरान पीड़ित के मोबाइल पर न तो कोई ओटीपी आया और न ही किसी प्रकार का बैंक अलर्ट मिला। इससे साफ है कि ठगों ने मोबाइल को पूरी तरह एक्सेस कर लिया था।

पुलिस और साइबर सेल की कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने तुरंत पुलिस और साइबर सेल से संपर्क किया। रावतपुर थाना पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के अनुसार, साइबर सेल की मदद से ट्रांजेक्शन और इस्तेमाल किए गए डिजिटल माध्यमों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ठगों ने किस तकनीक से ओटीपी और अलर्ट सिस्टम को बायपास किया, ताकि आगे ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

कैसे बचें ऐसे साइबर फ्रॉड से

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए, खासकर जब वह मैसेज किसी चालान, इनाम या बैंक अपडेट के नाम पर आए। मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड होने पर तुरंत सतर्क हो जाएं और उसे इंस्टॉल न करें। केवल आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही इस्तेमाल करें। बैंक संबंधी किसी भी गतिविधि पर नजर रखें और संदिग्ध ट्रांजेक्शन दिखते ही तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन को सूचित करें, ताकि नुकसान को कम किया जा सके।

Updated on:
09 Apr 2026 06:13 pm
Published on:
09 Apr 2026 06:10 pm