- पुलिस गिरफ्त में आये कानपुर शूटआउट के मुख्य अभियुक्त गैंगस्टर विकास दुबे के साथी दयाशंकर अग्निहोत्री ने किये खुलासे
कानपुर. कानपुर शूटआउट के मुख्य अभियुक्त गैंगस्टर विकास दुबे के साथ हरदम साये की तरह रहने वाले दयाशंकर अग्निहोत्री ने पूछताछ में कई सनसनी खेज खुलासे किए हैं। दयाशंकर की मानें तो विकास के पास रात साढ़े आठ बजे ही छापेमारी की सूचना थाने से आ गयी थी। इसके बाद विकास दुबे ने फोन कर अपने गुर्गों को बुलाया। पड़ोस की एक बाग में सबके साथ बैठक की। इस बैठक में 25 से 30 असलहाधारी थे। इसके अलावा कुछ अन्य बदमाश भी थे। विकास ने मुखबिर से सूचना मिलने के बाद फोन पर ही गुस्से में कहा था-आने दो सबको कफन में यहां से भिजवाऊंगा।
रविवार की सुबह गिरफ्तार दयाशंकर के पैर में गोली लगी है। उसके दो बेटियां और पत्नी है। दयाशंकर ने बताया कि 3 साल की उम्र में ही उसके माता-पिता का निधन हो गया उसके बाद उसे विकास दुबे के माता-पिता ने पाला और शादी विवाह कराया। वह उनके घर में रहकर खाना बनाने और पशुओं को चारा पानी करने का काम करता था। दयाशंकर ने बताया कि घटना के दिन चौबेपुर थाने से विकास के मोबाइल पर रात करीब 8.30 बजे एक फोन आया। दयाशंकर ने बताया कि फोन आने के बाद विकास बहुत गुस्से में था। वह बड़बड़ा रहा था-सभी को कफन में भेजूंगा। इस फोन के बाद विकास बौखला सा गया था। उसके सिर पर खून सवार हो गया था। गुस्से में वह बाग की तरफ चला गया जब लौटा तब उसके साथ पूरी फौज थी। उसने सभी को पूरा प्लान बताया और फिर पुलिस के आने का इंतजार करने लगा। पुलिस टीम को घेरने की तैयारी के लिए बिकरू गांव के मुख्य मार्ग से उसके घर की ओर आने वाली सड़क पर जेसीबी को खड़ा किया गया।