
Kanpur Suicide Case: उत्तर प्रदेश के कानपुर के घंटाघर स्थित सूर्या होटल में प्रेमी के साथ सल्फास खाने वाली उन्नाव निवासी शिवांगी की मौत से पहले की दर्दनाक कहानी सामने आई है। होटल कर्मचारियों के मुताबिक, जहर खाने के बाद जब उसकी हालत बिगड़ी तो वह जोर-जोर से चीखने लगी और पानी मांगने लगी। उसकी आवाज सुनकर कर्मचारी कमरे तक पहुंचे और उसे पानी पिलाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल में इलाज के दौरान शिवांगी और उसके प्रेमी दिग्विजय सिंह दोनों की मौत हो गई।
होटल कर्मचारियों के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे दोनों होटल पहुंचे। शुरुआत में खुद को पति-पत्नी बताया, लेकिन जब चेक-इन के लिए आधार कार्ड मांगे गए तो दस्तावेजों में गड़बड़ी देख स्टाफ को शक हुआ। पूछताछ में दोनों ने प्रेम-संबंध की बात स्वीकारी। चूंकि दोनों बालिग थे, इसलिए दस्तावेज जमा कर उन्हें कमरा दे दिया गया।
शाम करीब चार बजे कमरे से महिला के चीखने-चिल्लाने की आवाज आने लगी। कर्मचारियों को पहले लगा कि दोनों के बीच विवाद हो रहा है, लेकिन जब वे कमरे के बाहर पहुंचे तो दरवाजा खुला मिला। अंदर जाकर देखा तो दोनों बेड पर पड़े थे। दिग्विजय अचेत था, जबकि शिवांगी बार-बार पानी मांग रही थी। कर्मचारियों ने उसे पानी पिलाया और तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों को उर्सला अस्पताल लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने उपचार के दौरान दोनों को मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में सल्फास खाने से आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है।
उर्सला अस्पताल पहुंचे शिवांगी के पिता राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि उनकी बेटी घर से यह कहकर निकली थी कि उसकी सहेली की मां की तबीयत खराब है और वह अस्पताल में भर्ती हैं। हादसे के बाद ही परिवार को पूरे मामले की जानकारी हुई।पिता ने बताया कि करीब 15 साल पहले शिवांगी ने धीरू तिवारी से प्रेम विवाह किया था। उसके दो बच्चे हैं। 13 वर्षीय बेटा प्रथम गुरुकुल में पढ़ाई करता है, जबकि 9 वर्षीय बेटी निशि परिवार के साथ रहती है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शिवांगी का पति धीरू तिवारी गुजरात में नौकरी करता है। शनिवार दोपहर करीब तीन बजे उसने पुलिस को फोन कर बताया था कि उसकी पत्नी घर से कहीं चली गई है और फोन पर कह रही है कि वह जहर खाकर जान दे देगी।पति ने पुलिस से मोबाइल लोकेशन ट्रेस करने की गुहार भी लगाई थी। पुलिस ने बताए गए नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ मिला। तलाश के दौरान कोई सुराग नहीं मिल सका।
फतेहपुर निवासी दिग्विजय सिंह रेलवे में कोच अटेंडेंट के रूप में निजी कंपनी के जरिए काम करता था। वह पत्नी सुमन और बच्चों के साथ राधानगर की नई बस्ती में किराए के मकान में रहता था। करीब पांच साल पहले उसकी शादी हुई थी। कानपुर में नौकरी के दौरान ही उसका संपर्क शिवांगी से हुआ था, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।