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Ram Mandir Donation Theft :राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर पप्पू यादव का बड़ा हमला, बोले- जब आरोपी ही जांच करेंगे तो सच कैसे आएगा?

Ram Mandir: कानपुर में प्रेस वार्ता के दौरान पप्पू यादव ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। उन्होंने ट्रस्ट, इस्तीफों और प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि आस्था से जुड़े मामले में पारदर्शिता जरूरी है।
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Kanpur News

-कानपुर में प्रेस वार्ता को संबोधित करते पप्पू यादव -

Ram Mandir Donation Theft Controversy: राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी मामले को लेकर कानपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में लोकसभा सांसद पप्पू यादव ने सत्ता पक्ष पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि मामले में उन्हीं लोगों की भूमिका पर सवाल हैं और जांच भी वही लोग या उनके प्रभाव में रहने वाली व्यवस्था करेगी, तो सच्चाई कभी सामने नहीं आएगी। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी से कराने की मांग की।

निष्पक्ष जांच की मांग, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

पप्पू यादव ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इससे जुड़े किसी भी मामले में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। उनका आरोप था कि मामले में उठ रहे सवालों को दबाने और जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो लोगों का विश्वास प्रभावित होगा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष इस मुद्दे को गंभीरता से उठा रहे हैं और पूरे घटनाक्रम की समयबद्ध जांच कराए जाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना था कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसकी सच्चाई देश के सामने आनी चाहिए।

ट्रस्ट और सरकार से पूछे चार बड़े सवाल

प्रेस वार्ता के दौरान पप्पू यादव ने राम मंदिर ट्रस्ट और केंद्र सरकार से कई सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि जब ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देखरेख में हुआ था, तो कथित चढ़ावा चोरी की जिम्मेदारी कौन लेगा।

उन्होंने यह भी पूछा कि यदि सब कुछ ठीक था तो चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा क्यों दिया। साथ ही सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री इस पूरे मामले पर अब तक मौन क्यों हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पूरे ट्रस्ट पर सवाल उठ रहे हैं तो कार्रवाई केवल छोटे कर्मचारियों तक ही सीमित क्यों दिखाई दे रही है।

आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता जरूरी

पप्पू यादव ने कहा कि आस्था से जुड़े किसी भी संस्थान में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान के नाम पर राजनीति करने वाले यह बताएं कि देश के बड़े मंदिरों और ट्रस्टों पर आरएसएस-भाजपा और कॉरपोरेट का प्रभाव क्यों है। उनका कहना था कि इस पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि लोगों का विश्वास कायम रहे।

प्रेस वार्ता में महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता, प्रवक्ता प्रियंका गुप्ता, महिला कांग्रेस (बुंदेलखंड) प्रदेश अध्यक्ष करिश्मा ठाकुर, पूर्व प्रदेश सचिव प्रतिभा अटल पाल, पूर्व जिलाध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।