कानपुर

Kanpur News:43 लाख लेकर गायब ‘किडनी सिंडिकेट’! अमृतसर मरीज का फूट पड़ा दर्द, वायरल हुआ वीडियो

Kidney Transplant Scam: कानपुर के कथित किडनी ट्रांसप्लांट सिंडिकेट मामले में अमृतसर के मरीज ने 43 लाख रुपये ठगी का आरोप लगाया है। उसका वीडियो वायरल हुआ है, जिसे पुलिस ने जांच में शामिल कर अंतरराज्यीय नेटवर्क की पड़ताल तेज कर दी है।

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Apr 06, 2026

कानपुर। अवैध किडनी ट्रांसप्लांट सिंडिकेट मामले में जांच के दौरान लगातार चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। अब इस पूरे कांड के तार पंजाब तक जुड़ते नजर आ रहे हैं। अमृतसर के एक मरीज का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उसने किडनी ट्रांसप्लांट के नाम पर 43 लाख रुपये ठगे जाने का गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि, वायरल वीडियो की पुष्टि patrika.com नहीं की गई है।लेकिन पुलिस ने इसे जांच का हिस्सा बना लिया है और मामले की गहराई से पड़ताल जारी है।

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अमृतसर के मरीज का आरोप और वायरल वीडियो

अमृतसर के तरनतारन निवासी मनजिंदर सिंह ने आरोप लगाया है कि वह लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहा है और डायलिसिस पर निर्भर है। उसकी इस मजबूरी का फायदा उठाते हुए कथित बिचौलियों ने उससे संपर्क किया और किडनी ट्रांसप्लांट का भरोसा दिलाया। आरोप है कि इलाज और किडनी की व्यवस्था के नाम पर उससे धीरे-धीरे 43 लाख रुपये वसूले गए। वायरल वीडियो में वह कानपुर के अहूजा हॉस्पिटल के सामने खड़ा होकर अपनी आपबीती सुनाता नजर आता है और खुद को ठगी का शिकार बताता है।

बिचौलियों और नेटवर्क पर गंभीर आरोप

पीड़ित ने अपने बयान में कई लोगों के नाम भी उजागर किए हैं। उसने जगप्रीत सिंह, विक्रांत, हसन और मोहाली निवासी नवनीत सिंह पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। मनजिंदर का कहना है कि इन लोगों ने मिलकर उसे जाल में फंसाया और पूरे नेटवर्क के जरिए रकम ऐंठ ली। वीडियो में उसने यह भी कहा कि अब वह कर्ज में डूब चुका है और मानसिक रूप से टूट गया है। उसने चेतावनी दी कि यदि वह कोई आत्मघाती कदम उठाता है, तो इसके लिए अस्पताल प्रशासन और संबंधित बिचौलिए जिम्मेदार होंगे।

पुलिस जांच में वीडियो बना अहम सबूत

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान इस तरह के कई वीडियो सामने आए हैं, जिन्हें केस डायरी में शामिल किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इन वीडियो के आधार पर पूरे सिंडिकेट की परतें खुल सकती हैं। पुलिस यह भी मान रही है कि यह नेटवर्क केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि कई राज्यों में फैला हुआ है। ऐसे में अन्य राज्यों से जुड़े आरोपियों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जा रही है।

कई राज्यों में फैले नेटवर्क की तलाश तेज

पुलिस जांच अब इस पूरे मामले को अंतरराज्यीय गिरोह के रूप में देख रही हैं। पुलिस टीमों को नामजद आरोपियों की तलाश में लगाया गया है और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में अन्य राज्यों से भी गिरफ्तारियां संभव हैं। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है ताकि इस अवैध कारोबार की जड़ तक पहुंचा जा सके और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

Published on:
06 Apr 2026 11:11 am
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