Kanpur News: कानपुर में लेखपाल भर्ती परीक्षा के दौरान हाईटेक नकल का बड़ा खुलासा हुआ है। महिला महाविद्यालय और बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में दो परीक्षार्थी माइक्रो ब्लूटूथ और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए पेपर हल करते पकड़े गए। पुलिस अब सॉल्वर गैंग और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।
Lekhpal Exam Bluetooth Cheating: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की लेखपाल भर्ती परीक्षा के दौरान कानपुर में हाईटेक नकल का सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रशासन की लाख सख्ती और सुरक्षा इंतजामों के बावजूद दो अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए पेपर हल करने की कोशिश कर रहे परीक्षार्थियों को रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
घटना सामने आने के बाद परीक्षा केंद्रों पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस व खुफिया एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। पकड़े गए दोनों आरोपी अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं और अब उनसे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उनके पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा था।
किदवई नगर स्थित महिला महाविद्यालय में सुबह की पाली की परीक्षा चल रही थी। परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद ही कक्ष निरीक्षक की नजर एक परीक्षार्थी की असामान्य गतिविधियों पर पड़ी। प्रथम तल के कक्ष संख्या-13 में बैठा विनोद कुमार पाल बार-बार कान छू रहा था और घबराया हुआ दिखाई दे रहा था। शक होने पर जब उसकी गहन तलाशी ली गई तो परीक्षा केंद्र प्रशासन के होश उड़ गए। उसके कान के भीतर बेहद सूक्ष्म माइक्रो ब्लूटूथ डिवाइस लगी हुई थी, जिसे सामान्य जांच में पकड़ पाना लगभग असंभव था। इसके अलावा उसकी शर्ट के नीचे एक मोबाइलनुमा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी छिपा मिला।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी परीक्षा केंद्र के बाहर बैठे किसी सॉल्वर गैंग के सदस्य से संपर्क में था। माना जा रहा है कि प्रश्नपत्र हल कर उत्तर ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए उसे बताए जा रहे थे। आरोपी विनोद कुमार पाल जौनपुर जिले के मड़ियाहूं थाना क्षेत्र के भौरास नेवादा गांव का निवासी बताया गया है। उसके पास से बरामद डिवाइस इतनी आधुनिक थी कि उसने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। केंद्र प्रशासन ने तुरंत उसकी परीक्षा निरस्त करते हुए पुलिस को सूचना दे दी।
नकल का दूसरा मामला शहर के प्रतिष्ठित परीक्षा केंद्र बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में सामने आया। यहां सचल दस्ते की टीम ने एक परीक्षार्थी की गतिविधियों पर संदेह होने के बाद उसे रोककर जांच की। तलाशी में उसके पास से भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बरामद हुआ। आरोपी की पहचान सागर सिंह पटेल के रूप में हुई है, जो प्रयागराज का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस को शक है कि वह भी किसी संगठित सॉल्वर नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और परीक्षा के दौरान बाहर बैठे लोगों से सहायता लेने की कोशिश कर रहा था।
प्रयागराज लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल और सॉल्वर गैंग गतिविधियों को लेकर चर्चा में रहा है। ऐसे में वहां के निवासी के पकड़े जाने के बाद जांच एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं। अधिकारियों को आशंका है कि यह कोई बड़ा गिरोह हो सकता है, जो अलग-अलग जिलों में परीक्षार्थियों को हाईटेक उपकरण उपलब्ध कराकर सरकारी भर्ती परीक्षाओं में सेंध लगाने का काम कर रहा है। पुलिस अब दोनों आरोपियों के मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की फॉरेंसिक जांच कराएगी।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार सख्ती और तकनीकी निगरानी के बावजूद नकल माफिया नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। माइक्रो ब्लूटूथ, वायरलेस ईयर डिवाइस और छिपे हुए ट्रांसमीटर जैसे उपकरणों का उपयोग यह दिखाता है कि संगठित गिरोह लगातार तकनीक का सहारा लेकर परीक्षा प्रणाली को चुनौती दे रहे हैं।
कानपुर पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि परीक्षा केंद्र के बाहर कौन लोग सक्रिय थे और डिवाइस के जरिए उत्तर कौन उपलब्ध करा रहा था। फॉरेंसिक जांच के बाद कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही एसटीएफ और खुफिया एजेंसियों को भी पूरे नेटवर्क की जांच में लगाया गया है ताकि यह पता चल सके कि यह गिरोह प्रदेश के अन्य जिलों में भी सक्रिय है या नहीं।