ISRO News:कानपुर के सरसौल नवोदय विद्यालय के कक्षा नौ के छात्र मोहम्मद आरिज खान का इसरो के ‘युविका’ प्रोग्राम में चयन हुआ है। वह 10 से 22 मई तक अहमदाबाद में अंतरिक्ष विज्ञान की ट्रेनिंग लेंगे। प्राचार्य ने इसे अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा बताया।
कानपुर के सरसौल स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के होनहार छात्र मोहम्मद आरिज खान ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराते हुए पूरे जनपद को गौरवान्वित किया है। कक्षा नौ में अध्ययनरत मेधावी आरिज का चयन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रतिष्ठित ‘युविका’ यानी यंग साइंटिस्ट प्रोग्राम-2026 के लिए हुआ है।
आरिज की इस उपलब्धि के बाद विद्यालय से लेकर पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल है। शिक्षकों, सहपाठियों और परिजनों में खुशी की लहर है। विद्यालय के प्राचार्य अशोक कुमार ने बताया कि आरिज शुरू से ही विज्ञान के प्रति जिज्ञासु और अनुशासित छात्र रहा है। उसकी मेहनत और लगन दूसरे छात्रों के लिए भी प्रेरणा है।
चयन के बाद आरिज 10 मई से 22 मई तक अहमदाबाद स्थित इसरो के स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर (SAC) में आयोजित दो सप्ताह के विशेष आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस दौरान उन्हें देश के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के सानिध्य में अंतरिक्ष विज्ञान, सैटेलाइट तकनीक, रॉकेट विज्ञान और इसरो के चंद्रयान, मंगलयान व गगनयान जैसे महत्वाकांक्षी मिशनों की बारीकियां सिखाई जाएंगी।प्रशिक्षण में थ्योरी के साथ-साथ व्यावहारिक सत्र, प्रयोगशाला भ्रमण और प्रोजेक्ट वर्क भी शामिल होगा, जिससे छात्रों में वैज्ञानिक सोच और अनुसंधान की भावना विकसित हो सके।
गौरतलब है कि मोहम्मद आरिज खान जवाहर नवोदय विद्यालय सरसौल में पीजीटी अर्थशास्त्र के पद पर कार्यरत मोहम्मद नदीम खान के पुत्र हैं। बेटे की इस कामयाबी पर पिता नदीम खान ने कहा कि आरिज बचपन से ही अंतरिक्ष और विज्ञान की किताबों में रुचि रखता था। आज उसका सपना सच होने की ओर बढ़ रहा है।
प्राचार्य अशोक कुमार ने कहा कि आरिज की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। बस उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने की जरूरत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आरिज भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करेगा।
इसरो हर साल ‘युवा विज्ञानी कार्यक्रम’ यानी युविका का आयोजन करता है। इसके तहत देशभर के नौवीं कक्षा में पढ़ने वाले मेधावी छात्रों का चयन किया जाता है। चयनित छात्रों को इसरो के विभिन्न केंद्रों पर ले जाकर अंतरिक्ष विज्ञान की बुनियादी जानकारी और प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया जाता है। इसका उद्देश्य स्कूली छात्रों में अंतरिक्ष अनुसंधान के प्रति रुचि पैदा करना है।