Child Labour Campaign :कानपुर में बाल श्रम के खिलाफ 12 से 25 मार्च तक विशेष अभियान चलेगा। जिलाधिकारी ने 10 टीमों का गठन किया है, जो प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर बाल श्रमिकों की पहचान करेंगी। चिन्हित बच्चों को शिक्षा से जोड़कर उनके पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी।
कानपुर। बाल श्रम से मुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई जिला टास्क फोर्स की बैठक में 12 से 25 मार्च तक विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान 10 टीमें शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर बाल श्रमिकों की पहचान करेंगी और उनके पुनर्वास की कार्रवाई भी शुरू की जाएगी।बुधवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बाल श्रम के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा उत्तर प्रदेश को वर्ष 2027 तक बाल श्रम से मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कानपुर मंडल के लिए दिसंबर 2026 तक की समयसीमा निर्धारित की गई है।
बैठक में सहायक श्रम आयुक्त राम लखन पटेल ने बताया कि बाल श्रम उन्मूलन को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है। श्रम विभाग के साथ-साथ उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी और सहायक विकास अधिकारियों को निरीक्षक नामित किया गया है।जिलाधिकारी ने 10 विशेष टीमों का गठन करते हुए निर्देश दिया कि 12 मार्च से 25 मार्च तक होटल, ढाबों, फैक्ट्रियों, दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जाए। जहां भी बाल श्रमिक मिलें, उनका तत्काल चिन्हांकन कर कार्रवाई की जाए। अभियान के दौरान की गई कार्रवाई की समीक्षा 27 मार्च को की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि चिन्हित बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करना भी प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया जाएगा, उनकी सूची शिक्षा विभाग को भेजी जाए ताकि उनका शैक्षिक पुनर्वास कराया जा सके।इसके साथ ही बाल श्रमिक विद्या योजना के अंतर्गत स्कूल छोड़ चुके बच्चों की सूची बेसिक शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराकर उन्हें दोबारा विद्यालयों में दाखिला दिलाने की व्यवस्था की जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (नगर) राजेश कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी सदर अनुभव सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत सिंह, खंड विकास अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। ट्रेड यूनियन की ओर से अनिल उपाध्याय और फीटा के अध्यक्ष उमंग अग्रवाल ने भी बैठक में हिस्सा लिया।दोनों प्रतिनिधियों ने बाल श्रम उन्मूलन को सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि समाज के सहयोग के बिना इस समस्या को पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं है। उन्होंने प्रशासन के अभियान को समर्थन देने की बात कही।