कानपुर

Kanpur News: बर्न वार्ड बना अनोखी शादी का गवाह, आग से झुलसी दुल्हन की मांग में दूल्हे ने भरा सिंदूर

Kanpur Wedding :कानपुर में आग हादसे में झुलसी दुल्हन के बावजूद दूल्हे ने अस्पताल के बर्न वार्ड में शादी की। दोनों परिवारों की सहमति से वार्ड को मंडप बनाया गया और दूल्हे ने दुल्हन की मांग में सिंदूर भरकर उसे पत्नी स्वीकार किया।

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May 16, 2026
अस्पताल में दूल्हा और दुल्हन

कानपुर से इंसानियत, हिम्मत और प्यार की एक ऐसी कहानी सामने आई है जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। शादी की तैयारियों के बीच हुए भीषण अग्निकांड में गंभीर रूप से झुलसी दुल्हन ने अस्पताल के बर्न वार्ड में ही सात फेरे लिए। नर्सिंग स्टाफ, डॉक्टरों और दोनों परिवारों की मौजूदगी में अस्पताल का माहौल एक शादी समारोह में बदल गया।

मेहंदी की रात हादसा, 12 लोग झुलसे

घटना घाटमपुर क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव की है, जहां 23 वर्षीय गरिमा सिंह उर्फ श्वेता की शादी कानपुर निवासी विकास सिंह के साथ तय थी। 13 मई को मेहंदी की रस्म चल रही थी और घर में रिश्तेदारों की भीड़ थी।इसी दौरान गैस सिलेंडर से रिसाव होने लगा और अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते पूरा घर आग की चपेट में आ गया। इसी अफरा-तफरी में पास में रखी खौलते तेल की कड़ाही भी पलट गई, जिससे गर्म तेल कई लोगों पर गिर गया। हादसे में दुल्हन श्वेता, उसके पिता जगदीश सिंह, फोटोग्राफर शिवा समेत कुल 12 लोग गंभीर रूप से झुलस गए।सभी घायलों को पहले घाटमपुर सीएचसी ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें कानपुर रेफर कर दिया गया। सूचना पर फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।

अस्पताल में शादी का फैसला, टूटा नहीं भरोसा

हादसे की खबर मिलते ही दूल्हा विकास सिंह अपने परिवार के साथ अस्पताल पहुंचा। दुल्हन की गंभीर हालत देखकर परिजनों ने शादी टालने की सलाह दी, लेकिन विकास अपने फैसले पर अडिग रहा।उसने कहा कि परिस्थितियां कैसी भी हों, वह हर पल साथ निभाएगा। इसके बाद उसने अस्पताल प्रशासन और दोनों परिवारों से बातचीत कर शादी की अनुमति मांगी।

बर्न वार्ड बना मंडप, फूलों से सजा माहौल

सभी की सहमति के बाद कानपुर के मिशिका हॉस्पिटल के बर्न वार्ड को ही मंडप का रूप दिया गया। नर्सिंग स्टाफ ने वार्ड को फूलों से सजाया और बेहद भावुक माहौल में शादी की तैयारियां कीं।दूल्हा सफेद शर्ट और काली पैंट में अस्पताल पहुंचा और दुल्हन के बिस्तर के पास ही बैठकर शादी की रस्में पूरी कीं। इसी दौरान उसने श्वेता की मांग में सिंदूर भरकर उसे अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया।

डॉक्टरों ने बताया भावुक पल, हालत में सुधार

मिशिका हॉस्पिटल के एमडी डॉ. सुरेंद्र पटेल के अनुसार, यह अस्पताल के लिए भी एक बेहद भावुक क्षण था। मरीज की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी सावधानियों के बीच शादी कराई गई।उन्होंने बताया कि दुल्हन की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और उसे डिस्चार्ज होने में लगभग 8 से 10 दिन लग सकते हैं।

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