कानपुर

Kanpur News: बांग्लादेश तक फैला कोडीन सिरप का जाल, मुख्य आरोपी का इनामी बेटा गिरफ्तार

Codeine Syrup Smuggling:कानपुर के चर्चित कोडीन सिरप मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ₹25 हजार के इनामी शिवम अग्रवाल को गिरफ्तार किया। जांच में नेटवर्क बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल से होते हुए बांग्लादेश तक फैला मिला है।

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Apr 04, 2026

कानपुर,अवैध कोडीन युक्त कफ सिरप का यह नेटवर्क अब सीमाओं से परे जाकर अंतरराष्ट्रीय रूप ले चुका है। जांच में सामने आया कि बिहार, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल के जरिए यह खेप बांग्लादेश तक भेजी जा रही थी। तस्कर अलग-अलग रूट और माध्यमों का इस्तेमाल कर कानून से बचने की कोशिश करते थे। खास बात यह रही कि सप्लाई चेन इतनी व्यवस्थित थी कि हर राज्य में अलग-अलग नेटवर्क सक्रिय था। इस खुलासे के बाद पुलिस और एजेंसियां अब इस पूरे रैकेट को इंटरस्टेट ही नहीं, बल्कि इंटरनेशनल एंगल से भी खंगाल रही हैं।

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पांच महीने से फरार था इनामी आरोपी

शिवम अग्रवाल पिछले करीब पांच महीनों से पुलिस की पकड़ से दूर था और उस पर ₹25,000 का इनाम घोषित किया गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। कभी प्रयागराज तो कभी राजस्थान में उसकी लोकेशन ट्रेस होती थी। पुलिस टीमों ने कई बार दबिश दी, लेकिन हर बार वह बच निकलता था। आखिरकार सटीक सूचना और तकनीकी निगरानी के जरिए उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, उसकी गिरफ्तारी से पूरे नेटवर्क की कई अहम कड़ियां खुलने की उम्मीद है।

पहले ही जेल भेजा जा चुका है मुख्य आरोपी

इस मामले में मुख्य आरोपी और शिवम के पिता विनोद अग्रवाल को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस का मानना है कि पिता-पुत्र मिलकर इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। विनोद की गिरफ्तारी के बाद से ही शिवम फरार हो गया था और पुलिस को उसकी तलाश थी। अब उसकी गिरफ्तारी से केस को और मजबूती मिली है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों के बीच की भूमिका और जिम्मेदारियों को लेकर पूछताछ में कई नए खुलासे सामने आ सकते हैं।

26 लाख से बढ़कर 1.12 करोड़ बोतलों का खुलासा

शुरुआत में दर्ज एफआईआर में 26 लाख कफ सिरप की बोतलों का जिक्र था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, यह आंकड़ा बढ़कर करीब 1.12 करोड़ बोतलों तक पहुंच गया। यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि अवैध कारोबार का दायरा बेहद बड़ा और संगठित था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में सप्लाई बिना मजबूत नेटवर्क और प्लानिंग के संभव नहीं है। इस खुलासे के बाद एजेंसियां अब इस धंधे से जुड़े हर स्तर के लोगों को चिन्हित करने में जुटी हैं।

बद्दी और पानीपत से होती थी सप्लाई

जांच में यह तथ्य सामने आया कि इस अवैध नेटवर्क को चलाने के लिए दो कंपनियों का सहारा लिया जा रहा था। हिमाचल प्रदेश के बद्दी और हरियाणा के पानीपत से कफ सिरप की सप्लाई बड़े पैमाने पर की जाती थी। इनमें से करीब 76 लाख बोतलें केवल बद्दी से आई थीं। सप्लाई को वैध दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेजों और अधूरे रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया गया। पुलिस अब इन कंपनियों की भूमिका और उनसे जुड़े अन्य लोगों की भी गहन जांच कर रही है।

₹8 करोड़ की संपत्ति सीज, जांच जारी

इस पूरे मामले में अब तक करीब ₹8 करोड़ की संपत्ति सीज की जा चुकी है, जिसकी सुनवाई ट्रिब्यूनल में चल रही है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई अवैध कमाई पर चोट करने के लिए की गई है। हालांकि, अभी तक केवल 10 से 15 लाख बोतलों का ही सत्यापन हो सका है, जिससे जांच का दायरा और बढ़ गया है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे पूछताछ आगे बढ़ेगी, और संपत्तियों व नेटवर्क के बारे में जानकारी सामने आ सकती है।

पूछताछ में खुल सकते हैं और बड़े राज

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि शिवम अग्रवाल की गिरफ्तारी इस पूरे सिंडिकेट को तोड़ने में अहम कड़ी साबित होगी। फिलहाल उससे गहन पूछताछ की जा रही है, जिसमें फर्जी कंपनियों, सप्लाई चेन और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ से कई और आरोपियों के नाम सामने आएंगे। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

Published on:
04 Apr 2026 03:24 pm
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