कानपुर

Kanpur News:कागजों में चल रही थी फर्म, जीएसटी चोरी का हुआ खुलासा, मुकदमा दर्ज

GST fraud Kanpur:कानपुर के कल्याणपुर में फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी कर चोरी का मामला सामने आया। जांच में फर्म संदिग्ध मिली। राज्य कर विभाग ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

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Mar 22, 2026

कानपुर। कल्याणपुर थाना क्षेत्र में फर्जी फर्म के जरिए जीएसटी में बड़े पैमाने पर कर चोरी का मामला उजागर हुआ है। राज्य कर विभाग की जांच में संबंधित फर्म का अस्तित्व ही संदिग्ध पाया गया, जिससे पूरे मामले में गड़बड़ी की पुष्टि हुई। अधिकारियों के अनुसार, फर्म कागजों में ही संचालित हो रही थी और उसके माध्यम से गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाया जा रहा था। जांच पूरी होने के बाद विभाग ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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जांच में निकली फर्जी

राज्य कर विभाग के अनुसार, गोपालगंज डूंगर नारिन्द निवासी रंजीत सिंह कुशवाहा ने ‘सर्वश्री किरशाना ट्रेडर्स’ के नाम से प्लाट संख्या 803, ब्लॉक एच/डब्ल्यू, बर्रा कानपुर के पते पर एकल स्वामित्व फर्म का जीएसटी पंजीकरण कराया था। फर्म के माध्यम से सुपाड़ी आदि के खरीद-बिक्री का व्यापार दिखाया गया और जीएसटी पोर्टल व ई-वे बिल पोर्टल पर लेन-देन अपलोड किया गया।विभागीय जांच में सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में फर्म द्वारा करीब 10.74 करोड़ रुपये की इन्वर्ड सप्लाई और 4.50 करोड़ रुपये की आउटवर्ड सप्लाई दर्शाई गई, जिसमें करीब 22.50 लाख रुपये का कर निहित था। वहीं, वर्ष 2024-25 में भी 27.30 लाख रुपये की आपूर्ति दिखाते हुए 1.36 लाख रुपये का कर दर्शाया गया।

छापेमारी में नहीं मिला कोई व्यापार

1 अप्रैल 2025 को केंद्रीय माल एवं सेवा कर अधिनियम की धारा 67(2) के तहत अधिकृत टीम ने घोषित व्यापार स्थल पर छापेमारी की। मौके पर न तो कोई स्टॉक मिला और न ही किसी प्रकार की व्यापारिक गतिविधि पाई गई। भवन स्वामी के परिजनों ने भी बताया कि आरोपी ने करीब दो वर्ष पहले एक कमरा किराये पर लिया था, जिसे एक महीने में ही छोड़ दिया था।जांच के दौरान यह भी पाया गया कि फर्म के नाम का कोई बोर्ड नहीं था और पोर्टल पर दर्ज मोबाइल नंबर भी निष्क्रिय था। इससे स्पष्ट हुआ कि फर्म केवल कागजों में ही संचालित की जा रही थी।

करोड़ों की बोगस आईटीसी का खेल

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर फर्जी पंजीकरण हासिल कर बिना वास्तविक लेन-देन के बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लिया। जांच में करीब 63.30 लाख रुपये की अवैध आईटीसी अर्जित करने और करीब 22.50 लाख रुपये की बोगस आईटीसी अन्य फर्मों को वितरित करने का मामला सामने आया है, जिससे सरकार को भारी राजस्व क्षति हुई।

मुकदमा दर्ज, जांच शुरू

उपायुक्त राज्य कर अभिषेक कुमार चतुर्वेदी की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर कल्याणपुर थाने में आरोपी रंजीत सिंह कुशवाहा के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।अधिकारियों का कहना है कि जीएसटी चोरी और फर्जी फर्मों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Published on:
22 Mar 2026 05:53 pm
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