
कानपुर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां डॉक्टर को दिखाने के लिए गूगल सर्च इंजन पर नंबर खोजना एक व्यक्ति को लाखों की चपत लगवा गया। कौशलपुरी निवासी विष्णु मोहन ठक्कर ने बताया कि बीते साल 16 मार्च 2025 को तबीयत खराब होने पर उन्होंने सनातन धर्म चिकित्सालय में संपर्क करने की कोशिश की।जब अस्पताल का नंबर नहीं मिला तो उन्होंने गूगल पर सर्च कर एक मोबाइल नंबर हासिल किया और उस पर कॉल कर डॉक्टर के बारे में जानकारी ली। कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने खुद को अस्पताल से जुड़ा बताते हुए अगले दिन डॉक्टर के मिलने की बात कही।
बातचीत के दौरान आरोपी ने बड़ी चालाकी से पीड़ित को अपने झांसे में लिया। उसने भरोसा दिलाया कि यदि वह तुरंत 5 रुपये का ऑनलाइन टोकन ले लेते हैं तो उन्हें अस्पताल में लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा और सीधे डॉक्टर से मुलाकात हो जाएगी। भीड़ और समय बचाने के लालच में आकर पीड़ित ने बिना ज्यादा सोचे आरोपी की बात मान ली। आरोपी के कहने पर पीड़ित ने एटीएम कार्ड के माध्यम से 5 रुपये का ऑनलाइन भुगतान कर दिया।हालांकि, यह एक सुनियोजित साइबर ठगी का जाल था। जैसे ही पीड़ित ने भुगतान किया, कुछ ही मिनटों के भीतर उनके दो अलग-अलग बैंक खातों से कुल 11.44 लाख रुपये निकाल लिए गए। अचानक खाते से इतनी बड़ी रकम गायब होने पर पीड़ित के होश उड़ गए। उन्हें समझ में आ गया कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं।
घटना के बाद पीड़ित करीब 12 महीनों तक मुकदमा दर्ज कराने के लिए इधर-उधर भटकता रहा। कई बार शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार पुलिस के आलाधिकारियों से गुहार लगाने के बाद नजीराबाद थाने में मामला दर्ज किया गया।थाना प्रभारी पवन कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और साइबर ठगों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि गूगल पर मिले अनजान नंबरों पर भरोसा करने से बचें और किसी भी प्रकार का ऑनलाइन भुगतान करते समय सतर्क रहें।
Published on:
22 Mar 2026 10:49 am
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