कानपुर

Kanpur News:फर्जी कारोबार से हड़प ली दो करोड़ की आईटीसी, मुकदमा दर्ज

Fake ITC Fraud:कानपुर में फर्जी फर्म बनाकर करीब दो करोड़ रुपये की आईटीसी हड़पने का मामला सामने आया। जांच में फर्जी बिलिंग और लेन-देन उजागर हुए। संगठित गिरोह की आशंका के बीच पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
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Apr 05, 2026
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कानपुर। शहर में फर्जी फर्मों के जरिए सरकारी राजस्व को चूना लगाने का बड़ा मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने कागजों पर फर्जी कारोबार दिखाकर करीब दो करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हड़प ली। विभागीय अधिकारियों की शिकायत पर संबंधित थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने एक महिला के नाम पर मात्र 80 वर्गफीट की दुकान किराये पर लेकर फर्म का पंजीकरण कराया था। विभागीय टीम जब जांच के लिए मौके पर पहुंची तो वहां किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि नहीं मिली। इसके बावजूद जीएसटी पोर्टल पर फर्जी खरीद-बिक्री दर्शाकर लगातार इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का दावा किया जा रहा था। जांच में सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से सरकारी राजस्व को नुकसान पहचाने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा था, जिसमें फर्जी बिलिंग के जरिए लाखों रुपये की कर चोरी की गई।

जांच के दौरान अधिकारियों को कई संदिग्ध लेन-देन के प्रमाण मिले हैं। बताया जा रहा है कि फर्म के नाम पर भारी मात्रा में फर्जी बिलिंग की गई और उसी के आधार पर आईटीसी का लाभ उठाया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है, जो अलग-अलग नामों से फर्जी फर्म बनाकर इस तरह के अपराध को अंजाम दे रहा है।

अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच 22 जनवरी को शुरू की गई थी। दस्तावेजों, बैंक खातों और लेन-देन की गहन पड़ताल के बाद अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई तेज कर दी गई है। पुलिस और विभागीय टीमें मिलकर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हैं।

विभाग ने आम लोगों और व्यापारियों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध फर्म या लेन-देन की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह के फर्जीवाड़े पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

Updated on:
05 Apr 2026 08:28 pm
Published on:
05 Apr 2026 08:28 pm