Kidney Transplant Racket:कानपुर पुलिस ने अवैध किडनी ट्रांसप्लांट सिंडिकेट से जुड़े मेरठ निवासी परवेज सैफी को रावतपुर से गिरफ्तार किया। वह डॉक्टरों और मरीजों के बीच समन्वय करता था। पूछताछ में नेटवर्क के अन्य सदस्यों के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।
कानपुर। अवैध किडनी ट्रांसप्लांट सिंडिकेट के खिलाफ पुलिस ने मंगलवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी परवेज सैफी को रावतपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। मुखबिर की सूचना पर हुई इस गिरफ्तारी को पुलिस अहम सफलता मान रही है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की नजर में था और उसकी तलाश जारी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परवेज की गिरफ्तारी से पूरे नेटवर्क की परतें खुलने की उम्मीद है। फिलहाल उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और उससे जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश के लिए टीमों का गठन कर दबिश दी जा रही है।
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पुलिस जांच में सामने आया है कि परवेज सैफी इस अवैध किडनी ट्रांसप्लांट नेटवर्क का महत्वपूर्ण सदस्य था। वह डॉक्टरों, मरीजों और दलालों के बीच कड़ी बनकर काम करता था और पूरे ऑपरेशन के समन्वय की जिम्मेदारी निभाता था। मरीजों को लाना, डॉक्टरों की व्यवस्था करना और ठहरने सहित अन्य सुविधाओं का इंतजाम उसी के जिम्मे रहता था। पुलिस के अनुसार उसका नेटवर्क पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों तक फैला हुआ है। वह आर्थिक लालच देकर जरूरतमंद लोगों को इस अवैध धंधे में शामिल करता और पूरे गिरोह को सुचारु रूप से संचालित करने में अहम भूमिका निभाता था।
जांच के दौरान पारुल तोमर के किडनी ट्रांसप्लांट मामले में भी परवेज सैफी की भूमिका उजागर हुई है। सूत्रों के मुताबिक उसी ने डॉक्टर रोहित की टीम को कानपुर बुलाने का इंतजाम किया था। वह करीब दस दिनों तक शहर में रुका और पूरे ट्रांसप्लांट ऑपरेशन की निगरानी करता रहा। इस दौरान मरीजों की आवाजाही, ठहरने और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी उसी के पास थी। पुलिस का मानना है कि इस केस से जुड़े कई और अहम सुराग परवेज से मिल सकते हैं, जिससे नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
परवेज सैफी का आपराधिक इतिहास भी काफी लंबा बताया जा रहा है। उसके खिलाफ मेरठ और बागपत में लूट के कई मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा गाजियाबाद के टीला मोड़ थाने में डकैती और हत्या के प्रयास का मामला भी दर्ज है। पुलिस अब उसके पुराने रिकॉर्ड को खंगाल रही है और उससे जुड़े अन्य अपराधियों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर जल्द ही इस अवैध किडनी ट्रांसप्लांट सिंडिकेट का बड़ा खुलासा किया जाएगा और इसमें शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी सुनिश्चित की जाएगी।