कानपुर

Pushkar से लाई गई LSD, कानपुर क्लब में रातभर चला नशे का खेल, IIT स्टूडेंट्स समेत 140 लोग गिरफ्तार

कानपुर के एनआरआई सिटी क्लब में पुलिस ने देर रात छापा मारकर हाईप्रोफाइल रेव पार्टी का खुलासा किया, जहां 140 युवक-युवतियां नशे में मिले।

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Apr 19, 2026
कानपुर में हाईप्रोफाइल रेव पार्टी का भंडाफोड़
कानपुर में हाईप्रोफाइल रेव पार्टी का भंडाफोड़

Kanpur Crime News: कानपुर में शुक्रवार देर रात पुलिस ने एक हाईप्रोफाइल रेव पार्टी पर छापा मारा। यह पार्टी एनआरआई सिटी के एक क्लब में चल रही थी। छापेमारी के दौरान करीब 140 लड़के-लड़कियां नशे की हालत में मिले। इनमें आईआईटी के छात्र और कई बड़े संस्थानों के स्टूडेंट शामिल थे। ये लोग दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान जैसे अलग-अलग राज्यों से आए थे।

सोशल मीडिया से मिला था इनविटेशन

जांच में पता चला कि इस पार्टी का निमंत्रण इंस्टाग्राम के जरिए भेजा गया था। पार्टी का नाम "Sonic Shift" रखा गया था और इसमें एंट्री फीस 1000 रुपए थी। पुलिस को पहले से सूचना मिल गई थी कि यहां ड्रग्स का इस्तेमाल हो रहा है, इसलिए टीम को एक्टिव किया गया।

पुलिस ने बनकर की एंट्री

पुलिस के दो जवानों ने आम लोगों की तरह एंट्री फीस देकर पास लिया और पार्टी में शामिल हो गए। अंदर जाकर उन्होंने देखा कि वहां LSD, गांजा, चरस और शराब का खुलेआम इस्तेमाल हो रहा है। रात करीब 2:30 बजे सभी लोग नशे में थे। इसके बाद अंदर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बाहर की टीम को सूचना दी और छापेमारी की गई। पुलिस ने मौके से LSD, गांजा, चरस, कोकीन, हसीस और अन्य नशीले पदार्थ बरामद किए। इसके अलावा स्मोकिंग फिल्टर, क्रशर और करीब 49 हजार रुपए नकद भी मिले। पार्टी के आयोजक और ड्रग सप्लायर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

राजस्थान से लाया गया था LSD

पुलिस जांच में सामने आया कि LSD राजस्थान के पुष्कर से लाया गया था। ड्रग डीलर पार्टी में मौजूद लोगों को यह नशा दे रहा था। नशा लेने के बाद लोग स्क्रीन और लाइट्स को घूरते हुए डीजे म्यूजिक पर झूम रहे थे। जैसे ही पुलिस टीम अंदर पहुंची, वहां अफरा-तफरी मच गई। लोग भागने लगे, लेकिन गेट बंद होने की वजह से कोई बाहर नहीं जा सका। पुलिस ने टमुख्य आरोपियों को पकड़ लिया और बाकी लोगों को चेतावनी देकर छोड़ दिया।

LSD क्या होता है?

LSD एक खतरनाक नशीली दवा है जो दिमाग पर गहरा असर डालती है। इसे लेने के बाद व्यक्ति को ऐसी चीजें दिखने और सुनाई देने लगती हैं जो असल में नहीं होतीं। इस अनुभव को "ट्रिप" कहा जाता है। इसका असर 15-30 मिनट में शुरू होकर कई घंटों तक रहता है। कानपुर पुलिस इस तरह के मामलों को रोकने के लिए "ऑपरेशन व्हाइट पाउडर" चला रही है। इस घटना के बाद शहर के कई क्लबों में भी जांच और छापेमारी की जा रही है।

Published on:
19 Apr 2026 07:29 am