कानपुर

Facebook पर हुई दोस्ती, फिर 1.25 करोड़ की साइबर ठगी! कानपुर के रिटायर्ड नेवी अफसर ने तुड़वा दी FD और PPF

Kanpur Cyber Fraud:कानपुर में एक सेवानिवृत्त नेवी अधिकारी फेसबुक के जरिए साइबर निवेश ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म पर ₹1.25 करोड़ निवेश करा लिए। साइबर पुलिस ने 19 ट्रांजैक्शन की जांच में अब तक ₹24 लाख फ्रीज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
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Aug 03, 2026
Kanpur Cyber Investment Fraud
सांकेतिक फोटो

Kanpur Cyber Investment Fraud :कानपुर में सोशल मीडिया के जरिए निवेश का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले साइबर अपराधियों ने इस बार कानपुर के एक सेवानिवृत्त नेवी अधिकारी को अपना शिकार बनाया। आरोपियों ने फेसबुक पर संपर्क कर पहले दोस्ती की, फिर भरोसा जीतकर एक फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म पर करीब 1.25 करोड़ रुपये निवेश करा लिए। हैरानी की बात यह है कि ठगों ने फर्जी वेबसाइट पर निवेश की रकम बढ़कर करीब 2.50 करोड़ रुपये दिखाते हुए लगातार अधिक निवेश करने के लिए प्रेरित किया। इस लालच में पीड़ित ने अपनी एफडी और पीपीएफ तक तुड़वा दीं।

Facebook से शुरू हुई बातचीत, निवेश का ऐसा जाल कि गंवा बैठे करोड़ों

मामला कानपुर के कोहना थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, साइबर अपराधियों ने फेसबुक के माध्यम से सेवानिवृत्त नेवी अधिकारी से संपर्क किया। शुरुआती बातचीत के दौरान उन्होंने खुद को भरोसेमंद निवेश सलाहकार बताया और बेहतर मुनाफे का लालच दिया। इसके बाद पीड़ित को एक फर्जी निवेश वेबसाइट से जोड़ दिया गया, जहां उनके निवेश पर लगातार भारी मुनाफा दिखाया जाता रहा।वेबसाइट पर रकम बढ़ती देखकर पीड़ित का विश्वास और मजबूत होता गया। अधिक लाभ की उम्मीद में उन्होंने अपनी बचत, एफडी और पीपीएफ की रकम भी निकालकर अलग-अलग किस्तों में निवेश कर दी।

जांच में सामने आए 19 ट्रांजैक्शन, छह बैंक खातों में भेजी गई रकम

साइबर पुलिस की जांच में फरवरी से अप्रैल के बीच 19 बैंक ट्रांजैक्शन सामने आए हैं। जांच के अनुसार, ठगी की रकम महाराष्ट्र, बेंगलुरु, मध्य प्रदेश और हरियाणा के फरीदाबाद स्थित छह अलग-अलग बैंक खातों में भेजी गई। इससे साफ है कि साइबर गिरोह कई राज्यों में फैले नेटवर्क के जरिए इस ठगी को अंजाम दे रहा था।

साइबर टीम ने फ्रीज कराए 24 लाख रुपए, आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश तेज

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि शिकायत मिलते ही साइबर टीम ने बैंकिंग चैनल के माध्यम से त्वरित कार्रवाई शुरू की। अब तक करीब 24 लाख रुपये की धनराशि फ्रीज करा दी गई है। पुलिस को जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। साथ ही शेष धनराशि की रिकवरी के लिए संबंधित राज्यों की एजेंसियों से भी समन्वय किया जा रहा है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ शेष रकम बरामद करने का प्रयास किया जाएगा।

निवेश से पहले रखें ये सावधानियां

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर मिले किसी भी व्यक्ति के कहने पर निवेश न करें। किसी भी निवेश प्लेटफॉर्म की वैधता की जांच करें, अवास्तविक मुनाफे के दावों से बचें और केवल अधिकृत वित्तीय संस्थानों के माध्यम से ही निवेश करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या स्थानीय साइबर थाने को दें।

Updated on:
03 Aug 2026 08:14 pm
Published on:
03 Aug 2026 08:14 pm