
Sukhoi Parachute Kanpur:कानपुर में तैयार हो रहे स्वदेशी पैराशूट अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की पहचान बनते जा रहे हैं। श्रीलंका में आयोजित अंतरराष्ट्रीय रक्षा प्रदर्शनी में कानपुर की ऑर्डनेंस पैराशूट फैक्ट्री (ओपीएफ) के अत्याधुनिक रक्षा उत्पादों ने 12 देशों की सेनाओं को प्रभावित किया। विदेशी सैन्य अधिकारियों ने इन उत्पादों में गहरी दिलचस्पी दिखाई और उन्हें अपनी सेनाओं में शामिल करने की संभावनाओं पर चर्चा की।
प्रदर्शनी में ओपीएफ द्वारा विकसित सुखोई-30 के ब्रेक पैराशूट, पायलट पैराशूट और पैराशूट वर्टिकल असॉल्ट सिस्टम को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। इन उत्पादों की तकनीकी क्षमता और उपयोगिता को देखकर विदेशी प्रतिनिधि काफी प्रभावित नजर आए। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ये उत्पाद भारतीय रक्षा तकनीक की बढ़ती ताकत का प्रमाण हैं।
प्रदर्शनी में श्रीलंका, वियतनाम, मालदीव, मलेशिया, फिलीपींस, नेपाल, म्यांमार, भूटान, कंबोडिया और सेशेल्स समेत कई देशों के सेना प्रमुख और वरिष्ठ सैन्य अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने भारतीय रक्षा उत्पादों की गुणवत्ता और उनकी कार्यक्षमता की सराहना की। कई देशों के प्रतिनिधियों ने भविष्य में इन उत्पादों की खरीद को लेकर सकारात्मक संकेत भी दिए।
ओपीएफ अधिकारियों के अनुसार, जीआईडीीएफ कंट्रोल सिस्टम, एमपीएमएस सिस्टम और अन्य स्वदेशी रक्षा उपकरणों ने भी विदेशी प्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित किया। अधिकारियों ने बताया कि कई मित्र देश पहले से भारतीय रक्षा उत्पादों का उपयोग कर रहे हैं और आने वाले समय में नए ऑर्डर मिलने की संभावना है।
प्रदर्शनी के दौरान भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वदेशी रक्षा निर्माण को आत्मनिर्भर भारत अभियान की बड़ी उपलब्धि बताया। ओपीएफ के अपर महाप्रबंधक अनुराग यादव और प्रबंधक प्रवीण चंदा ने विदेशी सैन्य अधिकारियों को उत्पादों की खूबियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कानपुर में विकसित हो रहे रक्षा उत्पाद अब वैश्विक स्तर पर भारत की मजबूत पहचान बन रहे हैं।
श्रीलंका की इस रक्षा प्रदर्शनी ने साबित कर दिया कि कानपुर में तैयार हो रहे रक्षा उत्पाद अब केवल भारतीय सेनाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दुनिया के कई देशों की सेनाएं भी उन्हें अपनाने में रुचि दिखा रही हैं। इससे भारत के रक्षा निर्यात को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।