Kanpur Bridge Project :गंगा नदी पर दो नए पुल बनने से ट्रांसगंगा सिटी और कानपुर के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। अभी 14 किमी का सफर घटकर करीब 4 किमी रह जाएगा। करीब 753 करोड़ की इस परियोजना से आवागमन आसान होगा और औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।
उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास और बेहतर कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए एक अहम परियोजना को मंजूरी मिल गई है। ट्रांसगंगा सिटी उन्नाव को कानपुर शहर से जोड़ने के लिए गंगा नदी पर दो नए पुलों का निर्माण किया जाएगा। करीब 753 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को मंत्रिपरिषद की बैठक में स्वीकृति मिल चुकी है। इससे कानपुर और उन्नाव के बीच आवागमन तेज और सुगम होने की उम्मीद है।
परियोजना की कुल लागत 753 करोड़ 13 लाख 24 हजार रुपये तय की गई है। इसमें से 460 करोड़ रुपये अटल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि शेष धनराशि उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) वहन करेगा।इस परियोजना को वित्तीय वर्ष 2025-26 में अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के अंतर्गत लागू किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस तरह की परियोजनाएं प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेंगी।
योजना के तहत गंगा नदी पर चार लेन कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए दो अलग-अलग दो लेन पुल बनाए जाएंगे। दोनों पुलों के निर्माण की जिम्मेदारी सेतु निगम को सौंपी गई है। निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए 36 महीने का समय तय किया गया है।इन पुलों की शुरुआत रानीघाट जलकल पंपिंग स्टेशन के पास से होगी और यह आगे बढ़ते हुए धोबीघाट तक पहुंचेंगे। प्रस्तावित दोनों पुलों की कुल लंबाई लगभग 4200 मीटर होगी।
पुलों के निर्माण के बाद कानपुर नगर की वीवीआईपी रोड सीधे ट्रांसगंगा सिटी से जुड़ जाएगी। इससे मौजूदा लगभग 14 किलोमीटर की दूरी घटकर करीब 4 किलोमीटर रह जाएगी।इसके साथ ही गंगा बैराज पर लगने वाले भारी जाम से भी लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पुलों में 30 मीटर के कुल 140 स्पैन बनाए जाएंगे। प्रत्येक पुल पर 8.50 मीटर चौड़ा वाहन मार्ग होगा और एक ओर लगभग 11.50 मीटर चौड़ा फुटपाथ भी बनाया जाएगा। इसके अलावा करीब 470 मीटर लंबे एप्रोच रोड का भी निर्माण किया जाएगा।विशेषज्ञों का मानना है कि पुल बनने के बाद ट्रांसगंगा सिटी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को नई गति मिलेगी। बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश बढ़ेगा, उद्योगों को फायदा होगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।