Kanpur Violence Update: कानपुर हिंसा में पत्थरबाजों की नहीं बल्कि घर परिवार सभी की नींद उड़ी हुई है। अवैध तरीके से बने घरों को चिन्हित करने के बाद अब बुलडोजर कार्यवाही होने वाली है।
कानपुर हिंसा के बाद बुलडोजर कार्यवाही के निर्देशों से लोगों की रातों की नींद उड़ी हुई है। बवाल के बाद नई सड़क की अवैध इमारतें बुलडोजर के निशाने पर हैं। सीएम योगी के निर्देशों से सबसे पहले उन 15 बिल्डिंगों की सूची तैयार की गई है, केडीए द्वारा इन्हे सील भी कर दिया था हालांकि लोगों ने सील तोड़ दी गई। ऐसे लोगों के खिलाफ केडीए एफआईआर भी दर्ज कराएगा। डीएम ने केडीए वीसी से बात करके कार्रवाई के लिए कहा है। बता दें कि तीन जून को जब उपद्रव हुआ था तो अवैध रूप से 50 से 100 वर्गमीटर क्षेत्रफल में छह-सात मंजिला बनाई गईं इमारतों से भी पथराव किया गया था। पुलिस-प्रशासनिक अफसरों ने ऐसी इमारतें चिह्नित कर केडीए को सूचना भेज दी है। चंद्रेश्वर हाते के बगल में जो ऊंची अवैध इमारतें बनाई गई हैं वो निशाने पर हैं। इन इमारतों से हाता पूरी तरह घिरा है। हाते में रहने वाले लोगों ने भी इमारतों पर कार्रवाई करने के लिए शिकायत की है।
जिन छतों से बरसे पत्थर पहले उन पर कार्यवाही
छतों से पत्थर बरसाने वालों पर डीएम ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, पत्थर एकत्र करने वालों की तलाश तेज कर दी गई है। केडीए के अफसर रिव्यु करके आगे की कार्रवाई करेंगे। बवाल के दिन पुलिस को बैकफुट पर डालने के लिए छतों से जमकर पत्थर बरसाए गए थे, जिसमें कई के सिर फट गए थे। डीएम नेहा शर्मा के मुताबिक नई सड़क की अवैध इमारतों से से पत्थर चलाए गए हैं। अवैध हिस्सा गिरवाया जाएगा।
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अब पुलिस ने चिपकाए हर जगह पोस्टर
पुलिस लगातपर बवालियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। अब तक मामले में 50 से ज्यादा की गिरफ्तारी हो चुकी है। उपद्रवियों के पोस्टर जारी कर चौराहों पर चस्पा कराए जा चुके हैं। डीएम ने बताया कि कोई भी बवाल करने वाला नहीं बचेगा। शहरवासी अमन-चैन बनाएं रखे। बवालियों के जल्द ही नए पोस्टर जारी किए जा रहे हैं। नाबालिक पत्थरबाजों पर अभी चर्चा चल रही है।
नियम के विरुद्ध बनीं इमारतें
शहरी विकास अधिनियम एवं नगर नियोजन की नियमावली के विरुद्ध नई सड़क इलाके में लगभग 100 इमारतों का निर्माण किया गया है। इनमें 60 प्रतिशत इमारतों के नक्शे ही पास नहीं हैं। 30 प्रतिशत इमारतें ऐसी हैं जिनका निर्माण नक्शे के विरुद्ध किया गया है। 10 प्रतिशत इमारतें ऐसी हैं जिन्हें सील किया गया था मगर सील खोलकर फिर से निर्माण पूरा कर लिया गया। अगर सभी अवैध इमारतों की बात करें तो 80 प्रतिशत ऐसी हैं जिनका नक्शा तीन मंजिल से ज्यादा का पास ही नहीं हो सकता था लेकिन पांच से सात मंजिल तक का निर्माण हो गया। केडीए सभी के खिलाफ कार्यवाही कर रहा है।