सीएए को लेकर हिंसा करने वालों पर योगी सरकार जरा भी नरमी बरतने को तैयार नहीं हैं।
लखनऊ. सीएए को लेकर हिंसा करने वालों पर योगी सरकार जरा भी नरमी बरतने को तैयार नहीं हैं। प्रदेश भर के विभिन्न जिलों में हिंसा के दौरान नीजि व सार्वजनिक संपत्ति को नुक्सान पहुंचाने वालों से भरपाई की कार्यवाही जारी है। सीएम योगी ने एक बार फिर शामली में कानून को हाथ में लेने वालों को सख्त हिदायत दी और कहा कि "भईया आपने जलाया है तो भरपाई भी आप ही करो।" उन्होंने कहा कि प्रदेश के करोड़ों लोगों के टैक्स को बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। इसी कड़ी में अब कानपुर में भी उपद्रवियों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया गया है। पुलिस ने चिन्हित प्रदर्शकारियों के खिलाफ उनके घर के बाहर कुर्की का नोटिस चस्पा कर दिया है। कानपुर के बाबूपुरवा में बीते वर्ष 20 दिंसबर को हुए हिंसक प्रदर्शन में उपद्रवियों और पुलिस के बीच जमकर पथराव हुआ था। इस बीच दर्जनों वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई थी, तो वही 10 प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे। बाबूपुरवा व यतीमखाना में 19 दिसंबर को हुई हिंसा में 4 लाख 22 हजार रुपए की सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान पहुंचाया गया। 8 उपद्रवी बाबूपुरवा के और 8 उपद्रवी यतीमखाना के चिन्हित किए गए थे।
22 प्रदर्शनकारी फरार है-
कानपुर हिंसा में पुलिस ने अब कुर्की की कार्यवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने वीडियो व फोटोग्राफ के अधार पर 37 प्रदर्शनकारियों की पहचान की थी, जिसमें से 22 फरार हैं। पुलिस ने इन 22 लोगों के खिलाफ अदालत से वारंट जारी कराया था। अब पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 82 के तहत अभियुक्तों के खिलाफ उनके घरों के बाहर कुर्की का नोटिस चस्पा किया है। कानपुर में हुई हिंसा में मुंशी पुरवा के मोहम्मद सैफ, मुंशीपुरवा के मोहम्मद आफताब और बेगमपुरवा के रईस की जान चली गई थी। वहीं 10 लोग फायरिंग में घायल हुए थे। जिसमें मोहम्मद कामिल, अली मोहम्मद, कासिम, मोहम्मद सादाब, मो फैजान,मो आवेश, शान मोहम्मद, मो जमील, मोहम्मद सैफ, मो अकील है।