कानपुर

शराब के शौकीनों को अब करनी होगी पहले से ज्यादा अपनी जेब ढीली

शराब के शौकीनों के लिए बड़ी खबर है. वह ये कि अब उन्‍हें अपना शौख पूरा करने के लिए पहले से ज्यादा जेब ढीली करनी होगी. यहां आपको बता दें कि शराब की कीमतों में तो कोई इजाफा नहीं हुआ है, लेकिन शहर में शराब के ठेकों पर लाइसेंस शुल्क वृद्धि की मार पड़ सकती है.
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Oct 16, 2018
Kanpur
शराब के शौकीनों को अब करनी होगी पहले से ज्यादा अपनी जेब ढीली

कानपुर। शराब के शौकीनों के लिए बड़ी खबर है. वह ये कि अब उन्‍हें अपना शौख पूरा करने के लिए पहले से ज्यादा जेब ढीली करनी होगी. यहां आपको बता दें कि शराब की कीमतों में तो कोई इजाफा नहीं हुआ है, लेकिन शहर में शराब के ठेकों पर लाइसेंस शुल्क वृद्धि की मार पड़ सकती है. नगर निगम कार्यकारिणी में इस पर मुहर लग चुकी है. अब सदन में प्रस्ताव पास होने के बाद शुल्क में वृद्धि कर दी जाएगी.

8 साल बाद की जा रही है ये प्रक्रिया
यहां आपको बता दें कि शुल्क में बदलाव की यह प्रक्रिया 8 साल बाद की जा रही है. शहर में स्थित मॉडल शॉप, बार, अंग्रेजी और देशी शराब के ठेकों में लाइसेंस शुल्क की वृद्धि की जाएगी. कॉमर्शियल टैक्स की बढ़ोत्तरी के बाद मॉडल शॉप से सालाना 60,000 रुपए तक लाइसेंस शुल्क नगर निगम वसूलेगा. इस लाइसेंस शुल्क की मार कहीं न कहीं पीने वालों पर पड़ेगी. कारण है कि क्योंकि बार संचालक तरह-तरह के शुल्‍क लगातार इसकी भरपाई करेंगे.

पिछले 2 साल से जूझ रहा है नगर निगम
पिछले 2 साल से लगातार नगर निगम फाइनेंशियल क्राइसिस से जूझ रहा है. इसको लेकर नगर निगम अपनी आय को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है. पिछले साल हाउस टैक्स में वृद्धि के बाद कई अन्य प्रकार के टैक्सेस में भी इजाफा किया गया, लेकिन संसाधनों के बढ़ते खर्चों के चलते नगर निगम घाटे से उबर नहीं पा रहा है. नौबत यहां तक आ गई है कि पिछले 8 महीनों से नगर निगम ने कर्मचारियों का पीएफ तक नहीं जमा किया है. शासन से मिल रही वित्तीय मदद के भरोसे ही शहर में विकास कार्य कराए जा रहे हैं.

इस तरह से लगेगी लगाम
शराब ठेकों का लाइसेंस शुल्क बढ़ाने के अलावा टैंकों के जरिए सीवर सफाई करने वाले निजी लोगों को भी अब भारी भरकम टैक्स नगर निगम को अदा करना होगा. प्रति सीवर टैंक के लिए 600 रुपए निर्धारित कर दिए गए हैं. अभी तक मनमाने रेट लोगों से सीवर टैंक वाले वसूल रहे थे. इस बारे में महापौर प्रमिला पांडेय ने बताया कि प्राइवेट सीवर टैंकर वालों को नगर निगम में रजिस्ट्रेशन शुल्क के साथ ही प्रति सीवर टैंक 3500 रुपए नगर निगम को टैक्स के रूप में अदा करने होंगे. इनको चिह्नित करने के लिए नगर निगम ने एक टीम का गठन भी कर दिया गया है.

Updated on:
16 Oct 2018 02:05 pm
Published on:
16 Oct 2018 02:05 pm