चकेरी एयरपोर्ट की अब दुनिया के हवाई नक्शे पर अपनी अलग पहचान होगी, एयरपोर्ट के विस्तार के मद्देनजर प्रस्तावित सिविल इन्क्लेव की डिजाइन को मंजूरी मिल गई है
कानपुर . हवाई नक्शे में दमदार उपस्थिति दर्ज कराने के बाद अब चकेरी एयरपोर्ट की अन्य शहरों से कनेक्टिविटी बढ़ाने की तैयारी है। दिल्ली और मुंबई के बाद अन्य शहरों के लिए उड़ान जल्द शुरू होगी। एयरपोर्ट विस्तार योजना के तहत प्रस्तावित सिविल इन्क्लेव की डिजाइन को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। जल्द ही निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। नए प्रोजेक्ट में लगभग 400 करोड़ रुपए की लागत से नया हवाई अड्डा बनाया जाएगा, जहां एक साथ आठ बड़े हवाई जहाज पार्क करना मुमकिन होगा। इसके साथ ही कानपुर की व्यापारिक गतिविधियों के मद्देनजर कार्गो टर्मिनल का भी निर्माण किया जाएगा। नए टर्मिनल की हवाई पट्टी पर सबसे बड़ी एयरबस को लैंड कराना भी संभव होगा।
प्रारंभिक दौर में तीन सौ यात्रियों की क्षमता का टर्मिनल
चकेरी एयरपोर्ट के डायरेक्टर जमील खालिक के मुताबिक, नए सिविल इन्क्लेव का डिजाइन पास हो चुका है। दिसंबर तक टेंडर प्रक्रिया शुरू कर होगी उन्होंने बताया कि नए हवाई अड्डे में शुुरुआती दौर में तीन सौ यात्रियों के लिए इन्क्लेव बनाने की योजना है। दूसरे शहरों के लिए उड़ानों की संख्या बढऩे पर विस्तार किया जाएगा। फिलहाल, 300 यात्रियों की क्षमता वाले टर्मिनल के बाद लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट के बाद यूपी में कानपुर को बड़े टर्मिनल का दर्जा प्राप्त होगा। नए टर्मिनल के निर्माण की अनुमानित कीमत 4 अरब रुपए आंकी गई है। 2.5 करोड़ की लागत से पीडब्ल्यूडी ने नए सिविल इन्क्लेव की बाउंड्रीवॉल का कार्य शुरू कर दिया है। नए सिविल इन्क्लेव में सबसे ज्यादा राहत शहर के बड़े व्यापारियों को मिलेगी, क्योंकि यहां कार्गो टर्मिनल भी बनाया जाएगा। इस टर्मिनल के जरिए कानपुर की औद्योगिक इकाइयों में तैयार माल को सीधे अन्य शहरों में भेजना मुमकिन होगा। अभी तक एयरक्राफ्ट के जरिए माल भेजने के लिए व्यापारियों को लखनऊ पर निर्भर रहना पड़ता है। गौरतलब है कि चकेरी एयरपोर्ट की एयरपट्टी पर भारतीय वायुसेना का स्वामित्व है। सिविल इन्क्लेव का डिजाइन तो तीन महीने पहले तैयार हो चुका था, लेकिन एयरफोर्स की आपत्ति के कारण एयरफोर्स कमांड की निगरानी में नए सिरे डिजाइन को तैयार किया गया। नई डिजाइन को बीते सप्ताह एयरफोर्स कमांड के बाद केंद्रीय मंत्रालय ने मंजूर कर लिया।
लेदर के साथ-साथ टेक्सटाइल का एक्सपोर्ट
लेदर, प्लास्टिक, लेदर सैडलरी, फुटवियर, एल्युमिनियम प्लेट्स, कैमिकल्स, एनिमल मीट, फिनिश्ड लेदर, टेक्सटाइल सहित अन्य माल बड़ी मात्रा में कानपुर से एक्सपोर्ट किया जाता है. चकेरी एयरपोर्ट से नेशनल हाईवे से कनेक्ट होने के चलते कन्नौज, फतेहपुर, कानपुर देहात सहित अन्य पास के जिले के व्यापारी अपना माल यहां से कार्गो के जरिए भेज सकेंगे।