दलित सम्मान, संविधान बचाओ सम्मेलन में शामिल हुए पुनिया, मोदी सरकार को दलित विरोधी बताया
कानपुर। यूपी में अपनी खोई जमीन को पाने के लिए कांग्रेस जीतोड़ मेहनत कर रही है। दलित और मुस्लिम समाज को अपने पाले में लाने के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा 2019 के लिए अपने महारथियों को चुनाव के मैदान में उतार दिया है। बसपा से कांग्रेस में आए नसीमुद्दीन सिंद्दी मुस्लिमों के बीच पैठ बना रहे हैं तो राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं सांसद पीएल पुनिया दलितों के घर-घर जाकर पार्टी के विचारधारा से उन्हें अवगत करा रहे हैं। इसी के तहत डबल पुलिया स्थित गेस्ट हाउस में आयोजित सम्मेलन के सांसद पीएल पुनिया ने कहा कि पिछले चार साल से दलित उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ी हैं और सरकार कार्रवाई के बजाए आंख बंद किए हुए रही। कोर्ट में टीक से दलितों का पक्ष नहीं रखा गया और एसटी-एससी एक्ट कानून को कोर्ट ने बदल दिया। जब कोई घटना घटती है तो 50 फीसद दलित तो भय से थाने जाते ही नहीं। बाकी 50 फीसद जो जाते हैं, उनमें से बमुश्किल दस फीसद पीड़ितों का मुकदमा दर्ज किया जाता है। उसमें भी विवेचना सही नहीं होती।
होना या न होना बराबर
प्रदेश में नौ मंडलीय सम्मेलन कर चुकी कांग्रेस पार्टी ने रविवार को शहर में कानपुर और बरेली मंडल का दलित सम्मान, संविधान बचाओ सम्मेलन आयोजित किया। आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने दलित हित को अपने प्रमुख मुद्दे के रूप में अनुसूचित जाति वर्ग के सामने रखने का प्रयास किया। इस मौके पर दलित समाज के कई नेता शामिल हुए और मोदी सरकार पर जुबानी हमले किए। मुख्य वक्ता पीएल पुनिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी व्यवस्था कर दी है कि एससी एसटी एक्ट का होना या न होना बराबर है। एक ही अपराध के दो कानून चल रहे हैं। दलितों के लिए अलग और सवर्णो के लिए अलग। यदि सरकार ने कोर्ट में अच्छी तरह से दलितों का पक्ष रखा होता तो एससी-एसटी एक्ट में बदलाव नहीं होता।
संघ अरक्षण को खत्म करने पर तुला
पीएल पुनिया ने कहा कि संघ प्रमुख मोहन भागवत आरक्षण खत्म करने की बात करते हैं और 2019 में दोबारा भाजपा सत्ता में अगर आई तो यह दलितों को मिल रहे आरक्षण को खत्म कर देगी। कहा कि अत्याचार के खिलाफ दलितों को जागरूक करना ही हमारा लक्ष्य है। कांग्रेस की सरकार के दौरान ने एससी-एसटी कानून लाकर उनकी सुरक्षा की। पुनिया ने कहा कि कांग्रेस का दलित जागरूक अभियान ऐसे ही चलता रहेगा और जहां भी दलित के खिलाफ अच्याचार होगा वहां पीएल पुनिया खड़ा मिलेगा। कहा, एनडीए सरकार में दलितों पर सबसे ज्यादा अत्याचार हो रहे हैं। रोहित बेमुला को अभी तक इंसाफ नहीं मिला। महाराष्ट्र में दलितों को मारा गया। कांग्रेस दलितों के लिए सड़क से लेकर संसद तक संर्घष करेगी और उनके हक को छीनने नहीं देगी।
सरकार तो दूर, बनारस में हरा देंगे चुनाव
पुनिया ने कहा कि 2019 लोकसभा चुनाव में अगर विपक्ष एक साथ आता है तो भाजपा की जीत तो दूर, नरेंद्र मोदी खुद बनारस से चुनाव हार जाएंगे। भाजपा के खिलाफ विपक्ष को एक साथ आने की जरूरत है। अगर सपा और बसपा कांग्रेस के साथ आ जाते हैं तो मोदी बनारस से ही नहीं जीत पाएंगे। सभी पार्टियों की निजी और क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाएं हैं, लेकिन मौजूदा सत्ताधारी पार्टी की गलत नीतियों के खिलाफ सभी एक हो जाएंगे। कांग्रेस को पता है कि लोगों को कैसे जोड़ा जाता है। हम घमंडी नहीं हैं, हम लोगों को लड़ाते नहीं हैं, न ही उनकी जिंदगी बर्बाद करते हैं। लेकिन भाजपा दलित-मुस्लिम विरोधी है और यह तबका पिछले चार सालों से डर के छाए में जीने को मजबूर है।