नगर निगम में रजिस्टर्ड कई ठेकेदार ऐसे हैं जो विकास कार्यों में बाधक बन गए हैं. 4 महीने पहले टेंडर के बाद वर्क ऑर्डर भी मिला, लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं किया गया. 1 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्य ठेकेदारों की मनमानी के चलते रुके हुए हैं.
कानपुर। नगर निगम में रजिस्टर्ड कई ठेकेदार ऐसे हैं जो विकास कार्यों में बाधक बन गए हैं. 4 महीने पहले टेंडर के बाद वर्क ऑर्डर भी मिला, लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं किया गया. 1 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्य ठेकेदारों की मनमानी के चलते रुके हुए हैं. अवस्थापना निधि से विकास कार्यों के लिए टेंडर जारी किए गए थे, जिसमें लगभग 38 से ज्यादा कार्य लटके हुए हैं. नगर निगम ने ऐसे सभी ठेकेदारों को अब नोटिस देकर 10 दिन में निर्माण कार्य शुरू करने का वक्त दिया है. कार्य न करने की दिशा में 2 परसेंट अर्नेस्ट मनी को जब्त करने का नोटिस जारी किया गया है.
नहीं पड़ा आदेश का भी कोई असर
वार्ड-90 कछियाना मोहाल में ठेकेदार ऋषि शुक्ला ने 2 महीने पहले गली को खोद दिया था. इससे बारिश में हाल-बेहाल हो गया. नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा से स्थानीय लोगों ने मिलकर ज्ञापन भी दिया था. नगर आयुक्त के सख्त निर्देश के बावजूद भी अब तक मौके पर कार्य शुरू नहीं किया गया. इसी तरह से सिद्धेश्वर धर्मशाला, हरवंश मोहाल, श्यामलाल हाता सहित दर्जनों कार्य महीनों से लटके हुए हैं. नगर निगम ने ठेकेदार अनूप कुमार श्रीवास्तव, सीताराम इंटरप्राइजेज, हिमांशु कॉन्ट्रैक्टर, जीएफ इंटरप्राइजेज, फरहान इंटरप्राइजेज, त्रयंबकम् इंटरप्राइजेज, अमित इंटरप्राइजेज सहित अन्य को नोटिस जारी किया गया है.
ऐसा बताया चीफ इंजीनियर ने
चीफ इंजीनियर मनीष कुमार सिंह ने बताया कि अगर नोटिस जारी किए गए ठेकेदारों ने दी गई तय समय सीमा में कार्य शुरू नहीं किया गया तो कार्रवाई करते हुए ठेका निरस्त किया जाएगा. इसके साथ ही ठेकेदारों द्वारा जमा की गई 2 परसेंट की अर्नेस्ट धनराशि भी जब्त की जाएगी.
ऐसा कहना है नगर आयुक्त का
नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा इस बारे में कहते हैं कि लापरवाह ठेकेदारों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. उनको लेकर फिलहाल नोटिस भी जारी किया गया है. तय समय सीमा तक कार्य न शुरू करने पर टेंडर प्रक्रिया फिर से कराई जाएगी.