शहर के जाने-माने उद्योगपति व घड़ी समूह के मालिक मुरलीधर ज्ञानचंदानी और उनके छोटे भाई विमल ज्ञानचंदानी ने अमेरिका की चर्चित बिजनेस मैग्‍जीन फोर्ब्‍स के इंडियन एडीशन में पांचवी बार अपनी जगह बनाई है. फोर्ब्‍स इंडिया ने वर्ष 2018 के अंक में इन उद्योगपति बंधुओं को देश के 100 सबसे अमीर उद्योगपतियों में 92वां स्‍थान दिया है.
कानपुर। शहर के जाने-माने उद्योगपति व घड़ी समूह के मालिक मुरलीधर ज्ञानचंदानी और उनके छोटे भाई विमल ज्ञानचंदानी ने अमेरिका की चर्चित बिजनेस मैग्जीन फोर्ब्स के इंडियन एडीशन में पांचवी बार अपनी जगह बनाई है. फोर्ब्स इंडिया ने वर्ष 2018 के अंक में इन उद्योगपति बंधुओं को देश के 100 सबसे अमीर उद्योगपतियों में 92वां स्थान दिया है. हालांकि पिछले साल मुरलीबाबू इस सूची में मुरली बाबू 75वें स्थान पर थे. इस सूची में नंबर वन पर मुकेश अंबानी हैं.
ऐसी मिली है जानकारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में करीब 11840 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक उद्योगपति बंधुओं को फोर्ब्स ने पहली बार वर्ष 2013में जगह दी थी. मुरलीबाबू व विमल ज्ञानचंदानी उत्तर प्रदेश के इकलौते उद्योगपति बंधु हैं. घड़ी डिटर्जेंट और साबुन के कुटीर उद्योग से शुरुआत करने वाले मुरलीबाबू आज दो दर्जन से ज्यादा उत्पादों और एक दर्जन चर्चित ब्रांड के मालिक हैं. वर्ष 2017 में इनके पास करीब 12802 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति थी.
2015 में ऐसा था ग्राफ़
इस क्रम में आपको बता दें कि 2015 में मुरलीबाबू के पास कुल 8035 करोड़ रुपये की संपत्ति थी. वर्ष 2016 में नोटबंदी के समय देशभर के उद्योगों के सामने पूंजी और उत्पादन का संकट गहरा रहा था. उस वक्त कानपुर की दिग्गज कंपनी आरएसपीएल (रोहित सरफेक्टेंट प्राइवेट लिमिटेड) ने तरक्की की नई इबारत गढ़ी. वर्ष 2017 में कुल संपत्ति में 4800 की बढ़ोतरी करते हुए 12802 करोड़ रुपये तक संपत्ति पहुंचाई. वहीं, इस साल इस संपत्ति में 1000 करोड़ की गिरावट हुई है.
2013 में कुछ ऐसे बढ़ा ग्राफ
फोर्ब्स इंडिया की ओर से मिली जानकारी पर गौर करें तो मुरली बाबू की कंपनी ने बीते चार सालों में दोगुनी तरक्की की है. वर्ष 2013 में इनके पास कुल 5226 करोड़ की संपत्ति थी. महज चार साल में ही कंपनी ने कुल 7500 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति जुटाई.
नहीं हुआ बहुत ज्यादा सुधार
हालांकि वर्ष 2013 के मुकाबले जितनी संपत्ति बड़ी रैंकिंग में बहुत ज्यादा सुधार नहीं हुआ. चार साल में ये सिर्फ एक ही सीढ़ी ऊपर चढ़ सके. वर्ष 2013 में फोर्ब्स की सूची में ये 76वें स्थान पर थे. इसमें खास बात ये है कि इसके बाद लगातार इनका ग्राफ गिरा, लेकिन 2017 में सभी को मात देकर चौंकाने वाली स्थिति पर पहुंचे थे.