Beautiful Handwriting:कानपुर में जनतादर्शन के दौरान कक्षा दस की छात्रा शिवानी की मोतियों जैसी लिखावट वाला आवेदन चर्चा का केंद्र बन गया। डीएम प्रभावित हुए, विवाद का समाधान कराया और छात्रा को सम्मानित कर उसकी प्रतिभा को सराहा।
कानपुर,कभी-कभी साधारण दिखने वाली चीजें असाधारण प्रभाव छोड़ जाती हैं। ऐसा ही एक प्रेरणादायक मामला कानपुर के जनता दर्शन में सामने आया, जहां एक छात्रा की सुंदर लिखावट ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यह केवल एक आवेदन पत्र नहीं था, बल्कि प्रतिभा, अनुशासन और अभ्यास का अद्भुत उदाहरण था। इस आवेदन ने न केवल संबंधित समस्या का समाधान कराया, बल्कि छात्रा को प्रशासनिक स्तर पर पहचान और सम्मान भी दिलाया। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि छोटी-सी कला भी बड़े अवसरों के द्वार खोल सकती है।
जनता दर्शन के दौरान जब जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह सामने एक आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया, तो उसकी लिखावट ने सभी को चौंका दिया। अक्षर इतने सुंदर, सुसंगठित और एक समान थे कि पहली नजर में वह कंप्यूटर से टाइप कर प्रिंट किया हुआ प्रतीत हुआ। वहां मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और अन्य फरियादी भी इस आवेदन को देखकर आश्चर्यचकित रह गए। कई लोग इसे पास जाकर देखने लगे और उसकी लिखावट की तुलना मोतियों से करने लगे। कुछ देर के लिए पूरा जनतादर्शन कक्ष इसी आवेदन की चर्चा में डूब गया, जो एक छात्रा की कला का जीवंत उदाहरण बन गया।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने जब इस आवेदन को गौर से देखा, तो उन्होंने तुरंत यह जानने की इच्छा जताई कि इतनी सुंदर लिखावट किसकी है। आवेदन देने आए नरवल क्षेत्र के रामसजीवन से उन्होंने पूछा कि इसे किसने लिखा है। रामसजीवन ने बताया कि यह उनकी पोती शिवानी ने लिखा है, जो कक्षा दस की छात्रा है। यह सुनकर जिलाधिकारी बेहद प्रभावित हुए और उन्होंने छात्रा की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इतनी साफ, संतुलित और आकर्षक लिखावट आज के समय में बहुत कम देखने को मिलती है।
यह आवेदन केवल सुंदर ही नहीं था, बल्कि एक महत्वपूर्ण समस्या से भी जुड़ा हुआ था। मामला पेड़ों के विवाद से संबंधित था, जिसे लेकर रामसजीवन जनतादर्शन में पहुंचे थे। जिलाधिकारी ने इस आवेदन को गंभीरता से लेते हुए तत्काल एसडीएम नरवल विवेक कुमार मिश्रा को निर्देश दिए। एसडीएम ने मौके पर जांच कराते हुए विवाद का समाधान कराया। इस प्रकार एक छात्रा की खूबसूरत लिखावट ने प्रशासन का ध्यान खींचकर समस्या के त्वरित निस्तारण में अहम भूमिका निभाई और यह घटना सभी के लिए प्रेरणा बन गई।
बुधवार को जिलाधिकारी ने छात्रा शिवानी को विशेष रूप से बुलाकर सम्मानित किया। उन्हें पेन सेट, किताबें और स्कूल बैग भेंट किए गए। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उसकी कॉपियों का भी अवलोकन किया, जिनमें हर पृष्ठ पर एक जैसी सुंदर और स्पष्ट लिखावट दिखाई दी। उन्होंने शिवानी की मेहनत और लगन की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रतिभा उसे जीवन में आगे बढ़ने में मदद करेगी। साथ ही उन्होंने छात्रा को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और निरंतर अभ्यास करते रहने के लिए प्रेरित किया।
शिवानी की खास बात यह है कि उसने कभी किसी संस्थान से कैलियोग्राफी का प्रशिक्षण नहीं लिया है। इसके बावजूद उसकी लिखावट इतनी प्रभावशाली और आकर्षक है कि हर कोई उसे देखकर प्रभावित हो जाता है। वह माहेश्वरी दयानंद बब्बू लाल इंटर कॉलेज, उमरी नरवल की छात्रा है और हाल ही में कक्षा नौ उत्तीर्ण कर दसवीं में पहुंची है। उसकी यह कला उसके आत्मअनुशासन और नियमित अभ्यास का परिणाम है, जो उसे अन्य छात्रों से अलग पहचान दिलाती है।
शिवानी के बाबा रामसजीवन बताते हैं कि उसे बचपन से ही साफ और सुंदर लिखने की आदत है। वह जब भी कोई पत्र या आवेदन लिखती है, लोग उसकी लिखावट की प्रशंसा जरूर करते हैं। परिवार के अनुसार, शिवानी हमेशा अपनी कॉपियों को साफ-सुथरा रखती है और लिखते समय विशेष ध्यान देती है कि हर अक्षर स्पष्ट और सुंदर दिखे। यही आदत आज उसकी पहचान बन गई है। यह कहानी न केवल छात्रों के लिए, बल्कि हर व्यक्ति के लिए प्रेरणादायक है कि निरंतर अभ्यास और लगन से कोई भी साधारण कला असाधारण बन सकती है।