कानपुर

पीजीआई की तर्ज पर हैलट में बन रहे ब्लजड बैंक में शुरू होगा कार्ड सिस्टम

हैलट अस्‍पताल में अब मरीजों और तीमारदारों को खून के लिए भटकना नहीं पड़ेगा. खबर मिली है कि मेडिकल कॉलेज से हैलट में ब्‍लड बैंक शिफ्ट होने के बाद मरीजों को पीजीआई और दिल्‍ली के अस्‍पतालों की तर्ज पर कार्ड सिस्‍टम का सुख मिलेगा.
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Jul 16, 2018
kanpur
पीजीआई की तर्ज पर हैलट में बन रहे ब्लजड बैंक में शुरू होगा कार्ड सिस्टम

कानपुर। हैलट अस्‍पताल में अब मरीजों और तीमारदारों को खून के लिए भटकना नहीं पड़ेगा. खबर मिली है कि मेडिकल कॉलेज से हैलट में ब्‍लड बैंक शिफ्ट होने के बाद मरीजों को पीजीआई और दिल्‍ली के अस्‍पतालों की तर्ज पर कार्ड सिस्‍टम का सुख मिलेगा. जी हां, सुनने में आया है कि खून लेने के लिए अब कार्ड सिस्‍टम प्रणाली शुरू होने वाली है. इस कार्ड को लेकर बड़ी बात ये बताई गई है कि एक बार बनने के बाद इसकी वैद्यता 21 दिनों की होगी.

नई व्‍यवस्‍था
हैलट प्रशासन ने मरीजों और उनके तीमारदारों की सहूलियत को ध्‍यान में रखते हुए एक नई व्‍यवस्‍था का शुरू करने का मन बनाया है. इस क्रम में उन्‍हें दिक्‍कतों का सामना न करना पड़े इसके लिए नई व्‍यवस्‍था का ब्‍लू प्रिंट तैयार किया गया है. ये प्‍लान एमरजेंसी के मरीजों को खून चढ़ने की संभावना पर पहले ही मरीज के रक्‍त का सैंपल ब्‍लड बैंक में भेज दिया जाएगा.

तीमारदार को दी जाएगी सूचना
यहां ब्‍लड बैंक में ब्‍लड की टेस्‍टिंग करने के बाद मरीज के तीमारदार को खून देने के लिए सूचित कर दिया जाएगा. उसके बाद उसका ब्‍लड लेकर उसको एक कार्ड दे दिया जाएगा. इसके बाद जब उसके मरीज को फिर से खून की जरूरत होगी तो उसे तुरंत ब्‍लड उपलब्‍ध कराया जाएगा. ऐसे में खून के खराब होने का भी डर नहीं होगा और पूरी व्‍यवस्‍था भी बन जाएगी. हां, यहां एक बात को ध्‍यान में रखने की जरूरत है और वो ये कि 21 दिन में खून ब्‍लड बैंक से नहीं लिया तो उसका कार्ड का फिर से अगले 21 दिनों के लिए नवीनीकरण कर दिया जाएगा.

ऐसी ही व्‍यवस्‍था होगी इसके लिए भी
ठीक ऐसी ही व्‍यवस्‍था प्‍लेटलेट्स और प्‍लाज्‍़मा में भी अपनाई जाएगी. हैलट प्रशासन ने इस व्‍यवस्‍था का लाभ सरकारी के साथ-साथ निजी अस्‍पतालों को भी देने का मन बनाया है. न सिर्फ मन बनाया है बल्‍कि पूरी तरह से फैसला कर लिया है. यहां आपकी सहूलियत के लिए ये भी बताना जरूरी होगा कि मरीज के तीमारदार को मौजूदा फीस की भरपाई ही करनी होगी.

ऐसा कहना है अधिकारी का
इस बारे में हैलट के प्रमुख अधीक्षक डॉ. आरके मौर्य कहते हैं कि कार्ड सिस्‍टम का खाका पूरी तरह से तैयार हो गया है. हैलट में शिफ्ट होते ही कार्ड सिस्‍टम को पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा. ऐसे में मरीज के तीमारदार को खून लेने के लिए दौड़भाग नहीं करनी होगी. पहले ही सारी औपचारिकता पूरी करने से मरीज और तीमारदार दोनों को सहूलियत होगी.

Published on:
16 Jul 2018 11:38 am