कानपुर मेट्रो के प्रॉयोरिटी सेक्शन के 734 करोड़ के टेंडर खुल गए हैं. टेक्निकल बिड के बाद अब लखनऊ मेट्रो रेल कार्पोरेशन ने इसकी फाइनेंशियल बिड भी खोल दी है.
कानपुर। कानपुर मेट्रो के प्रॉयोरिटी सेक्शन के 734 करोड़ के टेंडर खुल गए हैं. टेक्निकल बिड के बाद अब लखनऊ मेट्रो रेल कार्पोरेशन ने इसकी फाइनेंशियल बिड भी खोल दी है. फाइनेंशियल बिड में दो कम्पनियों के बीच कड़ी टक्कर चल रही है. लखनऊ मेट्रो रेल कार्पोरेशन के ऑफिसर खोली गई इस फाइनेंशियल बिड के इवैल्युशन में जोर-शोर से लगी हैं.
दो रूट पर दौड़नी है मेट्रो
प्राप्त जानकारी के अनुसार मालूम पड़ा है कि कानपुर मेट्रो सिटी के दो रूट पर दौडऩी है. इसमें आईआईटी से फूलबाग, घंटाघर होते हुए नौबस्ता और सीएसए यूनिवर्सिटी से बर्रा-7 शामिल हैं. पहले चरण में प्रॉयोरिटी सेक्शन आईआईटी से मोतीझील के बीच मेट्रो दौड़ाई जानी है. इसकी जिम्मेदारी लखनऊ मेट्रो रेल कार्पोरेशन को सौंपी है. एलएमआरसी ने प्रॉयोरिटी सेक्शन के 9 किलोमीटर के वायाडक्ट व 9 मेट्रो स्टेशन के लिए जून में 734 करोड़ के टेंडर कॉल किए थे.
खुली फाइनेंशियल बिड
लखनऊ मेट्रो रेल कार्पोरेशन ने पहले टेक्निकल बिड खोली थी, लेकिन कानपुर मेट्रो प्रोजेक्ट को सेंट्रल गवर्नमेंट से अप्रूवल न मिलने की वजह से फाइनेंशियल बिड ओपेन नहीं की गई थी. इधर अप्रूवल को सेंट्रल गवर्नमेंट में तेजी से कार्रवाई होते देख एलएमआरसी ने फाइनेंशियल बिड भी खोल दी है.
चल रही है टक्कर
एलएमआरसी ऑफिसर्स के बीच फाइनेंशियल बिड में मेसर्स एफकॉन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर और मेसर्स टीपीएल-जीवाईआई ज्वाइंट वेंचर के बीच टक्कर चल रही है. हालांकि अभी फाइनेंशियल बिड में सबसे कम रेट किसी कम्पनी के हैं, इसका खुलासा लखनऊ मेट्रो रेल कार्पोरेशन नहीं किया है. एलएमआरसी के ऑफिसर्स के मुताबिक दोनों ही कम्पनियां मेट्रो रेल के क्षेत्र में अनुभवनी है. कई शहरों में मेट्रो प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुकी है. फाइनेंशियल बिड में सबसे कम रेट वाली कम्पनी को ही टेंडर अवार्ड किया जाएगा, लेकिन वहीं इसके लिए सेंट्रल गवर्नमेंट से कानपुर मेट्रो प्रोजेक्ट को अप्रूवल मिलने तक का पूरा इंतजार करना पड़ेगा.