पुलिस अब लुटेरों और शोहदों को मात देने के लिए 'शक्ति मोबाइल’ का सहारा लेगी. 'शक्ति मोबाइल’ के तहत गठित टीम आम लोगों के बीच घुलमिल कर लूट व छेड़खानी की घटनाओं को अंजाम देने वालों के हौसले पस्त करेगी.
कानपुर। पुलिस अब लुटेरों और शोहदों को मात देने के लिए 'शक्ति मोबाइल’ का सहारा लेगी. 'शक्ति मोबाइल’ के तहत गठित टीम आम लोगों के बीच घुलमिल कर लूट व छेड़खानी की घटनाओं को अंजाम देने वालों के हौसले पस्त करेगी. आम लोगों के बीच मौजूद पुलिस कर्मियों के इशारे पर संदिग्धों को उठा कर उनसे पूछताछ की जाएगी.
ऐसी दी गई जानकारी
एसपी साउथ रवीना त्यागी के अनुसार आलाधिकारियों से मिले निर्देश पर सभी थानों में शक्ति मोबाइल का गठन किया जाना है. इसमें 6 पुलिस कर्मियों की टीम बनाई जाएगी, जिसमें एक सीनियर एसआई, एक महिला सिपाही व 4 सिपाहियों को शामिल किया जाएगा. 3 शिफ्ट में यह टीम क्षेत्र में घूम कर लुटेरों और शोहदों पर लगाम कसेगी.
ऐसे होगा पूरा काम
उन्होंने बताया कि टीम में शामिल महिला सिपाही सादे कपड़ों में स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर मौजूद रहेंगीं. किसी भी तरह के संदिग्ध के नजर आने पर वो कोड को इस्तेमाल करते हुए साथियों को जानकारी देंगी. इस पर टीम तुरंत एक्टिव होगी और कार्रवाई करेगी. मौके पर पहुंच कर पूरी घटना की रिकार्डिंग के लिए उनको एक कैमरा भी मुहैया कराया जाएगा. इसके अलावा टीम दंगा नियंत्रण उपकरणों से भी लैस होगी.
ऐसे सर्च होगी लोकेशन
इस काम में किसी तरह की लापरवाही न हो सके, इसके लिए हर दो घंटे में टीम की लोकेशन भी चेक की जाएगी. इसके अलावा किसी भी घटना होने पर टीम को इसकी जानकारी आलाधिकारियों को देने के साथ ही त्वरित कार्रवाई से भी अवगत कराना होगा. तभी जाकर चोरों और लुटेरों को पकड़ा जा सकेगा. इसके लिए आम लोगों के भी जागरूक होने की पूरी-पूरी आवश्यकता होगी.
ऐसा बताया एसपी ने
इस बारे में एसपी साउथ रवीना त्यागी कहती हैं कि शक्ति मोबाइल एक तरह से एंटी रोमियो स्क्वायड का डेवलप रूप है. इसमें शोहदों के साथ ही लुटेरे भी पुलिस के राडार पर होंगे. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस उसको लेकर त्वरित कार्रवाई करेगी.