कानपुर

यूपी पंचायत चुनाव 2026 नहीं कराएगी भाजपा सरकार, अखिलेश यादव का बड़ा दावा, पैसे न खर्च करने दी सलाह

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव 2026 की तारीख को लेकर असमंजस बना है। अखिलेश यादव ने चुनाव टलने का दावा किया।
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Apr 09, 2026
akhilesh yadav on bjp said to save democracy necessary to remove this government from power
फोटो सोर्स-IANS

UP Panchayat Chunav 2026: उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायत चुनाव की चर्चा इन दिनों जोरों पर है। ग्राम प्रधानों का मौजूदा कार्यकाल 26 मई 2026 को खत्म हो रहा है। लेकिन अभी तक चुनाव की कोई साफ तारीख घोषित नहीं हुई है। इस वजह से उम्मीदवारों और गांव के लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच विभिन्न नेताओं के बयानों ने मसले को और गरमा दिया है।

अखिलेश यादव का विवादित बयान

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में मीडिया से बात करते हुए कहा कि जो लोग प्रधानी चुनाव की तैयारी कर रहे हैं, वे अभी खर्चा न करें। उन्होंने तंज कसते हुए दावा किया कि भाजपा सरकार पंचायत चुनाव नहीं कराएगी। अखिलेश ने कहा कि लोग अपना पैसा बर्बाद न करें। उनके इस बयान से उन लोगों में चिंता बढ़ गई है, जो इस बार प्रधान का चुनाव लड़ने की सोच रहे हैं। कई उम्मीदवार अब सोच में पड़ गए हैं कि तैयारी शुरू करें या नहीं। अखिलेश का यह बयान राजनीतिक हमला माना जा रहा है, क्योंकि इससे भाजपा सरकार पर सवाल उठ रहे हैं।

ओपी राजभर का दावा

दूसरी तरफ, पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने साफ कहा है कि पंचायत चुनाव समय पर होंगे। उन्होंने दावा किया कि ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत के चुनाव जुलाई 2026 तक पूरा कर लिए जाएंगे। राजभर ने कहा कि किसी भी पद का कार्यकाल जुलाई के बाद नहीं बढ़ाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि मतदाता सूची का काम चल रहा है और जल्द ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। राजभर के बयान से लगता है कि सरकार चुनाव कराने के पक्ष में है। लेकिन उनके कुछ सहयोगी कैबिनेट मंत्रियों ने अलग राय जताई है।

मंत्री का विरोधी बयान

वहीं कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने साफ कहा कि पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव 2027 के बाद ही होंगे। इस बयान से स्थिति और उलझ गई है। अब लोग पूछ रहे हैं कि आखिर सरकार की असली मंशा क्या है? क्या चुनाव टाले जा रहे हैं? इसके अलावा, इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका लंबित है। इसमें पंचायत चुनाव की समयबद्ध तारीख मांगी गई है। पिछली तीन सुनवाइयों में इस पर फैसला टल गया है। हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से पूछा है कि क्या 26 मई 2026 से पहले चुनाव हो सकते हैं।

कानूनी प्रक्रिया में देरी, ओबीसी आरक्षण जैसे मुद्दे और प्रशासनिक तैयारियां भी चुनाव को प्रभावित कर रही हैं। संविधान के अनुसार पंचायत का कार्यकाल 5 साल का होता है, इसलिए समय पर चुनाव जरूरी है।

उम्मीदवारों की परेशानी

जिन लोगों को प्रधान या अन्य पदों पर चुनाव लड़ना है, वे सबसे ज्यादा परेशान हैं। नामांकन, प्रचार और खर्च की तैयारी में लाखों रुपये लग सकते हैं। अगर चुनाव टल गए तो यह सब बर्बाद हो जाएगा। गांव स्तर पर भी लोग चिंतित हैं, क्योंकि विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

क्या होगा आगे?

फिलहाल स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। सरकार को हाईकोर्ट के आदेश का इंतजार है। अगर चुनाव समय पर नहीं हुए तो कानूनी लड़ाई बढ़ सकती है। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी जारी है। पंचायत चुनाव उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ग्रामीण चुनाव प्रक्रिया है, जिसमें लाखों पदों के लिए करोड़ों मतदाता वोट डालते हैं।

Updated on:
09 Apr 2026 09:39 am
Published on:
09 Apr 2026 09:39 am