उत्तर प्रदेश में तापमान में गिरावट के साथ ठंड बढ़ रही है। पश्चिमी विक्षोभ का असर मैदानी इलाकों में देखने को मिल रहा है। मंगलवार में कानपुर, जालौन और बांदा की सुबह भी बूंदाबांदी से हुई। बुंदेलखंड के जिलों में भी मौसम में बदलाव का असर देखने को मिला जहां मंगलवार भोर से ही बारिश का सिलसिला शुरू हो गया।
कानपुर. उत्तर प्रदेश में तापमान में गिरावट के साथ ठंड बढ़ रही है। पश्चिमी विक्षोभ का असर मैदानी इलाकों में देखने को मिल रहा है। मंगलवार में कानपुर, जालौन और बांदा की सुबह भी बूंदाबांदी से हुई। बुंदेलखंड के जिलों में भी मौसम में बदलाव का असर देखने को मिला जहां मंगलवार भोर से ही बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। पूर्वी यूपी के कुछ जिलों को अगर छोड़ दें तो बाकी प्रदेश के सभी हिस्सों में बादलों का जमावड़ा है। पूर्वांचल में वाराणसी में भी सुबह से बादल छाए रहे। मौसम विभाग के मुताबिक इस बारिश के बाद कड़ाके की ठंड पड़ेगी। लिहाजा अपने स्वास्थ्य को लेकर लोग सजग रहें। मौसम विभाग ने ओले गिरने का भी अलर्ट जारी किया है।
बुंदेलखंड और ब्रज क्षेत्र के जिलों में घनी बदली
कानपुर में बूंदाबांदी के साथ मंगलवार सुबह की शुरुआत हुई। बुंदेलखंड और ब्रज क्षेत्र के जिलों में घनी बदली छाई हुई है। उधर, राजधानी लखनऊ में सुबह हल्की धूप निकली लेकिन सिर्फ कुछ ही पलों के लिए। उसके बाद बादलों ने आसमान में अपना डेरा बना लिया।
पश्चिमी यूपी में कोहरे का सबसे ज्यादा असर
चंद्रशेखर आजाद (सीएसए) कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने कहा कि 29 दिसंबर के बाद देश के उत्तर पश्चिम व आसपास के मध्य भाग में न्यूनतम तापमान में गिरावट आने की संभावना है। तराई और पश्चिमी यूपी के जिलों में कोहरे का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा। डॉ. पांडेय ने कहा कि किसानों को सलाह है कि वे फसलों में सिंचाई, निराई-गुड़ाई और खरपतवार व कीटनाशक दवाओं का छिड़काव रुक कर करें।