कुख्यात अपराधी विकास दुबे (Vikas Dubey)) आखिर छह दिन बाद एमपी के उज्जैन (Ujjain) से पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। इन छह दिनों में उसके गुर्गे के पांच लोगों का पुलिस ने एनकाउंटर भी किया है।
लखनऊ. छह दिन में मामा, भतीजे और तीन साथियों की बलि लेने के बाद गैंगस्टर विकास दूबे (Vikas Dubey) आखिरकार पुलिस के सामने आया। खुद को पुलिस (Police) की नजर के बचाने के लिए उसने कानपुर और हरियाणा के फरीदाबाद में पनाह ली। इस बीच उसके रिश्तेदार व अन्य साथी समेच पांच लोग पुलिस की बंदूक की गोलियों का शिकार बने। सबसे पहले 3 जुलाई की सुबह पुलिस ने विकास के मामा प्रेम प्रकाश व चचेरे भाई अतुल कुमार दुबे का एनकाउंटर किया। बुधवार को हमीरपुर में भतीजे अमर दुबे को पुलिस ने मार गिराया। गुरुवार की सुबह इटावा और कानपुर में विकास दुबे के दो और साथी प्रभात मिश्रा व रणवीर शुक्ला मुठभेड़ में मारे गए।
प्रभात- यूपी पुलिस प्रभात को सुबह 6.30 बजे के करीब फरीदाबाद से कानपुर लेकर आ रही थी। पुलिस का कहना है कि प्रभात ने एक पुलिसकर्मी से पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की। उसके पुलिस पर फायरिंग की, लेकिन बुलेट प्रूफ जैकेट पहने होने के कारण पुलिसकर्मियों को चोट नहीं आई। इसी दौरान क्रास फायरिंग में प्रभात मारा गया।
रणवीर- इटावा में पुलिस ने रणवीर का मार गिराया। गैंगस्टर विकास दुबे गैंग का एक और बदमाश था। पुलिस का कहना है कि रणवीर कानपुर के बिकरु गांव के मामले में नामजद था व उस पर पचास हजार का इनाम था। बुधवार देर रात वह थाना सिविल लाइन क्षेत्र से स्विफ्ट डिजायर कार चुराकर भाग रहा था। बदमाश को पुलिस और स्वाट टीम ने घेराबन्दी कर मार गिराया। उसके पास से एक पिस्टल, एक डबल बैरल बन्दूक व कई कारतूस बरामद हुए हैं।
अमर दुबे- विकास दुबे का राइट हैंड माना जाने वाला भतीजा अमर दुबे बुधवार को हमीरपुर में मारा गया। कानपुर कांड के बाद उसने मौदहा थाना क्षेत्र में पनाह ली थी। और मध्यप्रदेश भागने की फिराक में था। उस पर 25 हजार का इनाम भी था। बुधवार सुबह एसटीएफ व मौदहा पुलिस ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर इंगोहटा मार्ग पर अमर दुबे को मार गिराया। इस कार्रवाई में मौदहा कोतवाल मनोज शुक्ला भी घायल हुए हैं।
प्रेम कुमार व अतुल दुबे- 3 जुलाई एनकाउंटर के दिन ही विकास दुबे के मामा प्रेम प्रकाश पांडेय उर्फ प्रेम कुमार व साथी अतुल कुमार दुबे पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। प्रेम प्रकाश को तीन व अतुल को नौ गोलियां लगी थी