
कानपुर : उत्तर प्रदेश के सबसे चर्चित और खौफनाक 'बिकरू कांड' के मुख्य आरोपी विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे ने एक हालिया पॉडकास्ट में अपनी शादी, विकास के अपराधों और उस काली रात की पूरी कहानी साझा की है। ऋचा ने बताया कि कैसे एक साधारण 'लव मैरिज' ने उनके जीवन को पूरी तरह बदल कर रख दिया और आज वे किन परिस्थितियों का सामना कर रही हैं।
ऋचा दुबे ने अपनी शादी के शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि विकास दुबे के साथ उनकी 'लव मैरिज' हुई थी। उन्होंने बताया कि उस समय विकास एक साधारण और ईमानदार व्यक्ति की तरह व्यवहार करता था। ऋचा के अनुसार, "विकास किसी भी तरह का नशा नहीं करता था और उसकी यही बात मुझे सबसे ज्यादा पसंद आई थी।" ऋचा का दावा है कि शादी के शुरुआती वर्षों तक विकास पर कोई बड़ा आपराधिक मामला नहीं था और जो कुछ भी हुआ, वह शादी के बाद की परिस्थितियों का नतीजा था।
इंटरव्यू के दौरान जब विकास दुबे के पुराने आपराधिक इतिहास, विशेषकर संतोष शुक्ला हत्याकांड (2001) का जिक्र हुआ, तो ऋचा ने बचाव करते हुए कहा कि उस समय विकास अपने बीमार बच्चे के इलाज के लिए जा रहा था। उन्होंने कहा कि पुलिस के गवाहों के पलटने के कारण विकास कोर्ट से बाइज्जत बरी हुआ था। भावुक होते हुए ऋचा ने कहा, 'एक पत्नी होने के नाते मैं अपने पति को सरेआम गलत कैसे ठहरा सकती हूं?'
पुलिस की चार्जशीट में आरोप है कि ऋचा लखनऊ स्थित अपने घर से सीसीटीवी फुटेज के जरिए पुलिस की लोकेशन विकास को दे रही थीं। इस पर सफाई देते हुए ऋचा ने कहा, उन्हें हिंसा और गोलीबारी कभी पसंद नहीं थी। उस रात विकास का फोन आया था कि गांव में गोली चल गई है, लेकिन उन्हें मामले की गंभीरता का अंदाजा नहीं था।
ऋचा ने स्पष्ट किया कि वे पिछले 15 वर्षों से लखनऊ में रह रही थीं और उन्हें विकास की हर गतिविधि की जानकारी नहीं रहती थी। वे खुद को एक साधारण हाउसवाइफ मानती हैं जिनका जीवन बच्चों तक सीमित था।
ईडी (ED) की जांच और बेनामी संपत्तियों के सवाल पर ऋचा ने कहा कि उनकी कुल संपत्ति 10-15 करोड़ के करीब हो सकती है, जिसे प्रशासन ने फ्रीज कर दिया है। उन्होंने अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन का उदाहरण देते हुए कहा, 'अगर मैं गलत होती या अपराधी होती, तो मैं भी शाइस्ता परवीन की तरह फरार हो गई होती। मैं आज भी यहीं हूं और कानून का सामना कर रही हूं क्योंकि मुझे खुद पर भरोसा है कि मैं निर्दोष हूं।'