
करौली। करौली जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। डांग क्षेत्र के मामचारी बांध पर रविवार दोपहर मवेशियों को नहला रहे चरवाहे की मगरमच्छ के हमले में मौत हो गई। मगरमच्छ चरवाहे को जबड़ों में दबाकर पानी में खींच ले गया। काफी देर तक दोनों में संघर्ष हुआ, लेकिन चरवाहे की जान नहीं बच सकी। मृतक मांच गांव निवासी बबलेश (26) पुत्र राजाराम मीणा है। सूचना मिलने पर मामचारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से शव को बाहर निकलवाकर करौली जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुंचाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शी कल्लू मीणा और नाहरपाल मीणा ने बताया कि वे बांध के किनारे स्नान कर रहे थे, जबकि बबलेश मवेशियों को पानी में नहला रहा था। अचानक पानी में तेज हलचल हुई और एक मगरमच्छ ने उसका पैर पकड़ लिया। बबलेश ने खुद को छुड़ाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन मगरमच्छ उसे गहरे पानी में ले गया। घटना के दौरान ट्रैक्टर चालक बलिराम मीणा और हरेती मीणा ने साहस का परिचय देते हुए तुरंत बांध में छलांग लगा दी। दोनों ने काफी प्रयासों के बाद मगरमच्छ के चंगुल से युवक को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।
ग्रामीणों के अनुसार बबलेश पशुपालन कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। वह प्रतिदिन मांच गांव से करीब चार किलोमीटर दूर मामचारी बांध क्षेत्र में मवेशियों को चराने और नहलाने आता था। रविवार को भी वह अपने साथी के साथ मवेशियों को लेकर बांध पहुंचा था। इसी दौरान यह हादसा हो गया।
बबलेश के परिवार में पत्नी और दो बेटे व एक बेटी हैं। बबलेश की असमय मौत से परिवार के सामने जीवन यापन का गहरा संकट खड़ा हो गया है और गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को आपदा राहत कोष तथा वन विभाग की ओर से उचित आर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग की है। साथ ही बांध क्षेत्र में चेतावनी बोर्ड लगाए जाने, मगरमच्छों पर निगरानी रखने की भी मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि बबलेश की आर्थिक स्थिति कमजोर है।