करौली

Mandi Bhav : सरसों का भाव 7700 रु प्रति क्विंटल पहुंचा, राजस्थान में अब बढ़ेगी तेल की कीमतें

Mandi Bhav : हिण्डौनसिटी की कृषि उपज मंडियों में सरसों के भावों को पंख लग गए हैं। कृषि उपज मंडी में 42 ऑयल कंडीशन सरसों का भाव 7700 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया।

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हिंडौन सिटी. कृषि उपज मंडी में एक फर्म के बाहर सरसों की तुलाई करते पल्लेदार। फोटो पत्रिका

Mandi Bhav : हिण्डौनसिटी जिले की कृषि उपज मंडियों में सरसों के भावों ने इस सप्ताह रिकॉर्ड तोड़ बढ़त दर्ज की है। बड़ी ऑयल मिलों में मांग बढ़ने से सरसों के दामों को पंख लग गए है। बीते सात दिनों में सरसों के भाव प्रतिदिन 30 से 50 रुपए तक बढ़ते रहे और बुधवार को कैलाश नगर स्थित कृषि उपज मंडी में 42 ऑयल कंडीशन सरसों का भाव 7700 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। यह अब तक की सबसे बड़ी छलांग है, जिसमें मात्र एक सप्ताह में 600 रुपए प्रति क्विटल का इजाफा हुआ है। ऐसे में अब सरसों के तेल के खुदरा भावों में ताव आने की संभावना है।

कृषि उपज मंडी के व्यापारियों का कहना है कि ईराक, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध से वैश्विक व्यापार प्रभावित हुआ है। पाम ऑयल और अन्य खाद्य तेलों का आयात घटने से देशभर में सरसों तेल की खपत तेजी से बढ़ी है। ऑयल मिलों में मांग बढ़ने का सीधा असर मंडियों पर पड़ा है और सरसों के भाव लगातार ऊपर जा रहे हैं।

गौरतलब है कि जनवरी के अंतिम सप्ताह से नई फसल की सरसों की आवक शुरू हो गई थी। नई सरसों में मानक से अधिक नमी होने के बावजूद किसानों को गत वर्ष की तुलना में 800 से 1000 रुपए अधिक भाव मिला था। बढ़ते भावों से किसानों में उत्साह है, लेकिन उपभोक्ताओं के लिए सरसों के तेल में महंगाई का संकेत है। फिलहाल बाजार में सरसों ऑयल का खुदरा भाव 165-170 रुपए प्रति किलोग्राम चल रहा है।

बढ़े खल के भाव

सरसों के भावों में बढ़ोतरी से तेल और सरसों की खली की कीमत में वृद्धि हो गई है। किराना व्यापारी पवन गुप्ता ने बताया कि फरवरी-मार्च माह में सरसों तेल का 15 किलो का टिन 2400 रुपए का था, जो अब 2700 पहुंच गया है। ऑयल मिलर मुकेश कुमार ने बताया कि मार्च में सरसों की खली 50 किलो का कट्टा 1400 रुपए था अब बढकर 1800 रुपए हो गया है।

मंडी में सरसों की आवक स्थिर

व्यापारियों के अनुसार उपज मंडी में 20 दिन से सरसों की आवक स्थिर बनी हुई है। किसान प्रति दिन 4-5 हजार कट्टा सरसों बेचान के लिए लेकर आ रहा है। भावों के चढ़ने से भी आवक में ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज नहीं हुई है। दरअसल फसल के सीजन में किसान ने अप्रैल माह के पहले सप्ताह तक करीब 5 लाख कट्टा सरसों का मंडी में बेचान कर दिया है। ऐसे में किसानों के पास सीमित मात्रा में भंडारित सरसों में से भी मंडी में आवक हो रही है।

कोविड़ में पहुंचा था 8450 रुपए भाव

कृषि उपज मंडी व्यापार मंडल के महामंत्री सौरभ बंसल ने बताया कि गत वर्ष सरसों का सबसे ऊंचा भाव जुलाई माह में 7219 रुपए प्रति क्विंटल रहा था। इस वर्ष अप्रेल माह तक भाव 6800-6850 रुपए रहे थे। एक मई से सरसों सात हजारी हो गई। बीस दिन में भाव नहीं गिरे है। कोविड़ काल में वर्ष 2021 में मई-जून माह में सरसों के भाव 8450 रुपए प्रति क्विंटल रहे थे।

सरसों की खूब खरीद कर रहे हैं मिलर्स

ऑयल मिलों की मांग के चलते मंडी में एक मई से सरसों के भावों से 7 हजार से ऊपर की तेजी बनी हुई है। विदेश से तेल नहीं आने के कारण मिलर्स सरसों की खूब खरीद कर रहे हैं। अब सरसों के दाम कुछ दिन स्थिर रह सकते हैं, हालांकि तेल की कीमतों में तेजी की संभावना रहेगी। सौरभ बंसल, महामंत्री, कृषि उपज मंडी, हिण्डौनसिटी

यूं चढ़े सरसों के भाव

दिनांक - भाव प्रति क्विंटल.
15 मई - 7191 रुपए
16 मई - 7270 रुपए
18 मई - 7485 रुपए
19 मई - 7700 रुपए।

तो सरसों के भाव और ऊपर जा सकते हैं

यदि वैश्विक स्तर पर तेल आयात की स्थिति सामान्य नहीं हुई तो सरसों के भाव और ऊपर जा सकते हैं। आमजन को जल्द ही सरसों तेल के दामों में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है। मंडी भावों के फसल खरीदी सीजन के प्रारंभ से ही एमएसपी दर से अधिक होने से सरसों की अपेक्षित सरकारी खरीद नहीं हो सकी है। हालांकि इस वर्ष जिले में सरसों की फसल बम्पर हुई थी, लेकिन वैश्विक स्थिति से भाव परवान चढ़ रहे हैं।
वीडी शर्मा, कृषि विशेषज्ञ

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Published on:
21 May 2026 01:09 pm
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