करौली

Rajasthan Crime : वो 35 साल तक बना रहा साधु, करौली पुलिस ने उत्तर प्रदेश में दबोचा, उसका राज जानकर चौंके लोग

Rajasthan Crime : आखिरकार 35 साल से साधु बनकर पुलिस की आंख में धूल झोंक रहे हत्या के आरोपी को करौली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बरसाना से गिरफ्तार कर लिया है। जानें उसकी पूरी क्राइम स्टोरी।
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Rajasthan Crime Ranveer Jat remained a sadhu Ramkishan Dasji for 35 Years, Karauli Police caught him in Barsana Uttar Pradesh everyone was shocked to know his secret
फोटो पत्रिका

Rajasthan Crime : आखिरकार करौली जिले में वर्ष 1989 हुई एक हत्या के आरोपी को करौली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 35 साल से पुलिस और आरोपी के बीच लुका छुप्पी का खेल चला रहा था। पर पुलिस को अंत में करौली पुलिस को सफलता हासिल हो ही गई। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बरसाना से साधु का वेश धारण किए हत्यारोपी रणवीर जाट (67 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। रणवीर जाट करौली जिले के डिंढोरा गांव का रहने वाला है। वह एक हत्या के केस में जमानत पर रिहा होने के बाद 1991 से फरार था। उत्तर प्रदेश के बरसाना में वह संत रामकिशन दासजी की झूठी पहचान बनाकर रह रहा था।

हत्यारोपी साधु बन कर व्यतीत करता अपना जीवन

पुलिस ने बताया कि जमानत मिलने के कुछ समय बाद ही रणवीर जाट ने अपना रूप बदल लिया। साधु की तरह कपड़े पहन जीवन व्यतीत करने लगा। वह एक धार्मिक स्थल से दूसरे धार्मिक स्थल पर जाता रहता। उसने गोवर्धन, बनारस, जूनागढ़, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में समय बिताता रहा। बीते कुछ वर्षों से उसने अपने को पुलिस से बचाने के लिए करीब 25 से 30 अनुयायियों का एक छोटा समूह बना लिया। मौका मिलने पर वह कभी-कभार अपने परिवार से मिलने आ जाता था।

पुलिस की स्पेशल टीम ने किया कमाल

अंत में तंग आकर करौली एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने पुलिस की एक स्पेशल टीम बनाई। हिंडन सिटी सीओ गिरिधर सिंह के नेतृत्व में पांच दिन तक पुलिस टीम ने बनारस, मथुरा, वृंदावन और बरसाना के विभिन्न मंदिरों की गहन तलाशी ली। अंत हत्यारोपी रणवीर जाट को बरसाने से गिरफ्तार किया गया।

कोतवाली हिंडन पुलिस स्टेशन में पीड़ित दर्ज कराई एफआइआर

रणवीर जाट पर 22 मार्च 1989 को हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पीड़ित मान सिंह कुम्हार ने करौली के कोतवाली हिंडन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पिता रामभरोसी प्रजापत और छोटे भाई विजय सिंह पर सरकारी कुएं पर विवाद के दौरान रणवीर जाट और अन्य लोगों ने हमला किया था। इसके बाद आरोपियों ने परिवार के घर पर हमला कर दिया। इस हमले में रामभरोसी को धारदार हथियार से गंभीर रूप से घायल कर दिया। बाद में अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।

रणवीर को तुरंत गिरफ्तार किया गया पर उसे मिल गई बेल

रणवीर को तुरंत ही गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन 1991 में उसे जमानत मिल गई। फिर वह कुछ ही समय बाद गायब हो गया। 31 अक्टूबर, 2017 को सजा का आदेश जारी होने के बाद भी अदालत की सुनवाई के लिए कभी पेश नहीं हुआ। हाल ही में मिली एक सूचना के आधार पर पुलिस बरसाना पहुंची, जहां रणवीर जलमहल मंदिर में रह रहा था। उसे अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

घटनाक्रम पर एक नजर

1989 - रणवीर जाट के खिलाफ करौली के कोतवाली हिंडन पुलिस स्टेशन में मर्डर का केस दर्ज। सरकारी कुएं पर विवाद में रणवीर जाट रामभरोसी प्रजापत पर हमले का आरोप।
1991 - रणवीर जाट को पुलिस गिरफ्तार किया, पर बेल पर रिहा कर दिया गया। इसके बाद रणवीर ने अपना रुप बदला और साधु बन गया।
1991-2024 - इन 35 वर्षों में रणवीर जाट साधु का चोला धारण कर यूपी, गुजरात, हिमाचल प्रदेश व हरियाणा के धार्मिक स्थलों में घूमता फिरता रहा।
मई 2024 - कुछ सूत्रों के मिलने के बाद पुलिस ने जाल बिछाया और यूपी के बरसाने से रणवीर जाट को गिरफ्तार किया।

Updated on:
31 May 2025 12:09 pm
Published on:
31 May 2025 12:09 pm