करौली

12 वर्षीय बालिका से बलात्कार के आरोपी को लोगों ने पेड़ से बांधा और…

Minor in Rajasthan : 12 वर्षीय बेटी को उठाकर बगल के मकान में ले गया और रेप किया...
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May 21, 2019
rape

करौली/हिण्डौनसिटी।

नगर परिषद क्षेत्र में छप्परपोश घर में सोती 12 वर्षीय बालिका से बलात्कार ( minor rape ) करने के आरोपी युवक दौसा जिले के गहनौली भोपुर निवासी राजवीर जाटव को ग्रामीणों ने रविवार रात पकड़ कर पेड़ से बांध दिया और धुनाई कर दी। बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

गौरतलब है कि नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड 31 की ढाणी परमोली का पुरा का थाना क्षेत्र में नाबालिग से रेप का मामला ( Minor in Rajasthan ) सामने आया है। पीडि़ता की मां ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसमें बताया था कि 12 वर्षीय बेटी घर में सो रही थी तभी दौसा जिले के गहनौली भोपुर निवासी राजवीर जाटव आया और उसे उठाकर बगल के मकान में ले गया और रेप किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर पीडि़ता का मडिकल कराया और जांच शुरू की। आरोपी को पकडऩे के लिए पुलिस ने कई ठिकानों पर दबिश दी लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा था।


वहीं टोड़ाभीम थाना क्षेत्र के एक गांव में सोमवार तडक़े शौच करने जा रही किशोरी को बाइक सवार दो युवकों जौंल गांव निवासी आरोपी मनीष कुमार मीणा व उसके साथी ने रिवॉल्वर की नोंक पर अगवा कर लिया। आरोपी उसको जंगल में ले गए और सामूहिक बलात्कार किया। आरोपियों ने किशोरी की अश्लील फोटो व वीडियो भी बना लिया। मामले में पीडि़ता की मां ने एक आरोपी को नामजद करते हुए दो जनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। टोडाभीम पुलिस ने बताया कि मनीष अपने एक दोस्त के साथ वहां आया। आरोपियों ने तौलिये से किशोरी का मुंह दबाकर बाइक पर बैठा लिया और जंगल में ले गए। जहां उसके साथ बलात्कार किया। पीडि़ता को आरोपियों ने धमकी दी है कि पुलिस में शिकायत की तो उसे व परिवार को जान से मार देंगे तथा अश्लील फुटेज वायरल कर देंगे। पीडित परिवार का कहना है कि मामले में टोडाभीम थाना पुलिस ने लापरवाही बरती है। आरोप है कि दोपहर 12 बजे शिकायत करने के बाद भी मेडिकल कराने के लिए टालती रही। ग्रामीणों के हंगामा करने के बाद मेडिकल कराया गया।

उधर अलवर के थानागाजी में पति के सामने युवती से सामूहिक बलात्कार ( Alwar Gangrape ) मामले में पुलिस मुख्यायल की जांच पूरी हो गई। पुलिस महानिदेशक कपिल गर्ग को सोमवार शाम को डीआइजी जोश मोहन ने बंद लिफाफे में जांच रिपोर्ट सौंपी है। जांच रिपोर्ट को गोपनीय रखा गया है। डीजीपी कपिल गर्ग ने कहा है कि उन्हें जांच रिपोर्ट मिल गई, रिपोर्ट पर अध्ययन किया जाएगा। अध्ययन के बाद ही कुछ कह सकूंगा। उधर, पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट में बिना एफआर दर्ज किए बिना पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस की लापरवाही रही कि उन्होंने मामला सामने आने के बाद दर्ज नहीं किया। उधर, संभागीय आयुक्त जयपुर संभाग केसी वर्मा की जांच रिपोर्ट अभी भी लंबित है। वर्मा ने बताया कि रिपोर्ट में समय और लगेगा। इसलिए तीन चार दिन का समय और मांगा है। रिपोर्ट में संबंधित सभी पुलिसकर्मियों की भूमिका तय की गई है। इसमें एसपी से लेकर थाने के पुलिसकर्मी शामिल है। खास तौर पर डिप्टी एवं एसएचओ को मुख्य भूमिका मानी गई है।

Published on:
21 May 2019 09:01 am