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कर्नल दम्पति के साथ पहले होटल में घटी ऐसी घटना, फिर पेट्रोल पंप पर हुई ऐसी बात, कभी नहीं भूल पाएगा ये जोड़ा

नागौर से करीब सवा सौ किलोमीटर दूर जाने के बाद जब गाड़ी में पेट्रोल भरवाने के लिए रुपए देने चाहे तो पता चला कि बैग नहीं है...
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नागौर

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Dinesh Saini

May 20, 2019

couple

नागौर।

जोधपुर से सीकर जाते समय नागौर में जोधपुर-बीकानेर बाइपास स्थित एक होटल में चाय पीने रूके कर्नल दम्पति का कीमती बैग छूट गया। नागौर से करीब सवा सौ किलोमीटर दूर जाने के बाद जब गाड़ी में पेट्रोल भरवाने के लिए रुपए देने चाहे तो पता चला कि बैग नहीं है। इसके बाद कर्नल दम्पति ने नागौर पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर सूचना दी, जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने होटल पहुंचकर पूछताछ की तो होटल मालिक ताराचंद तंवर व सोनू कच्छावा ने बैग सुरक्षित होने की जानकारी दी। इसके बाद कर्नल दम्पति सीकर के फतेहपुर से वापस आए तथा बैग प्राप्त किया।

सेवानिवृत्त आर्मी अधिकारी कर्नल प्रदीपसिंह व उनकी पत्नी बलजीत कौर ने पत्रिका को बताया कि वे जोधपुर से सीकर की ओर जा रहे थे, सोमवार सुबह नागौर से गुजरते समय जोधपुर-बीकानेर बाइपास स्थित कानजी होटल पर उन्होंने चाय पी और बातों-बातों में बैग यहीं भूल गए। इसके बाद फतेहपुर के निकट पहुंचने पर उन्होंने पेट्रोल पम्प पर पेट्रोल भरवाने के बाद रुपए देने के लिए बैग देखा तो पता चला कि गाड़ी में बैग नहीं है। इसके बाद उन्हें याद आया कि बैग नागौर में ही छूट गया। इस पर उन्होंने पुलिस को पूरी घटना बताकर होटल मालिक से पता करने का आग्रह किया, जिस पर कोतवाली थाने से हैड कांस्टेबल रामकुंवार टीम के साथ होटल पहुंचे तथा बैग के बारे में पूछा तो होटल मालिक ने बताया कि बैग सुरक्षित है, लेकिन वह कर्नल दम्पति को ही वापस देगा। इसके बाद कर्नल दम्पति वापस आए और बैग पाकर काफी खुश हुए।

बैग में थे महत्वपूर्ण दस्तावेज
बैग में करीब 12 हजार रुपए नकद, दो एटीएम कार्ड, एक क्रेडिट कार्ड, दो ड्राइविंग लाइसेंस, कैंटीन स्मार्ट कार्ड, कुछ अमरीकन व ऑस्ट्रेलियन डॉलर रखे हुए थे। कर्नल दम्पति ने बताया कि सबसे महत्वपूर्ण बैग में द्वारका का प्रसाद था।

पेट्रोल पम्प संचालक ने दिए हजार रुपए
आमजन में सेना के प्रति किस कदर सम्मान का भाव है, इसका उदाहरण फतेहपुर में पेट्रोल भरवाने के बाद संचालक ने दिया। कर्नल दम्पति ने जब बताया कि पैसों का बैग पीछे छूट गया है, तो पम्प संचालक ने न केवल पेट्रोल के रुपए छोड़े बल्कि एक हजार रुपए भी दिए, ताकि रास्ते में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।