Teachers Day 2023: बेरोजगारी और प्रतियोगी दौर में एक बार सरकारी नौकनी पाना मुकिश्ल भरा होता है, लेकिन शिक्षक के रूप में शिक्षण से विद्यार्थियों का मार्गदर्शक बनने के लिए शालिनी गुप्ता ने एक नहीं चार सरकारी नौकरियों को छोड़ दिया।
हिण्डौनसिटी/करौली. Teachers Day 2023: बेरोजगारी और प्रतियोगी दौर में एक बार सरकारी नौकनी पाना मुकिश्ल भरा होता है, लेकिन शिक्षक के रूप में शिक्षण से विद्यार्थियों का मार्गदर्शक बनने के लिए शालिनी गुप्ता ने एक नहीं चार सरकारी नौकरियों को छोड़ दिया। शालिनी वर्तमान में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सहायक आचार्य हैं। जो दो वर्ष में तीन राज्यों में पांच सरकारी नौकरियां पाने में सफल होने के साथ उच्च शिक्षा में शिक्षक (सहायक आचार्य) बन शिक्षण कार्य कर रही हैं। बकौल शालिनी, वह राजस्थान सहित दिल्ली व उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं से विभिन्न सेवा वर्गों में चयनित हुई। शैक्षणिक योग्यता का शिक्षण कार्य में उपयोग करने के लिए उन्होंने वन विभाग के सहायक वन संरक्षक के पद को छोड़ दिया। बीते एक वर्ष से राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के भौतिक शास्त्र विभाग में सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत शालिनीे ने बताया कि वर्ष 2018 में राजस्थान विश्वविद्यालय से एमएससी में गोल्ड मैडल हासिल किया।
वर्ष 2021 में एक साथ उत्तर प्रदेश व दिल्ली राज्य में स्कूल व्याख्याता में चयन हुआ। वहीं अगले वर्ष 2022 में पहली रैंक प्राप्त कर पॉली टैक्नीक कॉलेज में टैक्नीकल लैक्चरर व राजस्थान वन सेवा में सहायक वन संरक्षक पद पर चयनित हुई। चार सरकारी नौकरी हासिल करने के बावजूद योग्यता के समकक्ष शिक्षण कार्य के लिए प्रयासों के चलते चंद माह बाद उच्च शिक्षा में शिक्षक बनने की मंजिल प्राप्त करली। वर्तमान में शिक्षा सेवा से प्रशासनिक व अन्य संवर्ग की सेवाओं के लिए प्रयत्न कर रहे लोगों के लिए कॉलेज में शिक्षण कार्य चुनने से शालिनी मिसाल बनी है।