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Teacher’s Day 2022 : सबसे अच्छे शिक्षक किताब से नहीं,अनुभव से पढ़ाते हैं, ऐसा क्यों जानते है?

5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इस दिन स्कूल कॉलेज से लेकर एजुकेशनल संस्थानों में बड़े उत्साह के साथ शिक्षक दिवस मनाया जाता है।
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जयपुर

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kamlesh sharma

•

Updated: 5 Sep 2022, 4:42 PM IST

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शिक्षक दिवस, गुरुओं का दिन और हर छात्र को उत्साहित करने वाला दिन, सबकी तरक्की और जीवन को सफल बनाने में गुरु का हाथ होता है। शिक्षक अपने छात्रों को सही रास्ता दिखाता है, सही ज्ञान देता है और मार्गदर्शन करता है।

5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इस दिन स्कूल कॉलेज से लेकर एजुकेशनल संस्थानों में बड़े उत्साह के साथ शिक्षक दिवस मनाया जाता है। भाषण प्रतियोगिता के साथ तरह-तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।


जिस प्रकार एक मजबूत नींव एक मजबूत इमारत का निर्माण करती है, उसी तरह शिक्षक छात्र की नींव को मजबूत करता है और भविष्य में उस पर सफलता का भवन बनाने में मदद करता है।

एक शिक्षक ही होता है जो बच्चों को सफलता की ऊंचाइयों पर ले जाता है और जीवन में सही और गलत की परीक्षाओं में रास्ता दिखाता है। कहा जाता है कि एक बच्चे के जीवन में उसकी मां ही पहली शिक्षिका होती है, जो हमें इस दुनिया से रूबरू कराती है।दूसरी ओर, ऐसे शिक्षक हैं, जो हमें दुनियादारी समझ देते हैं।

जिस प्रकार कुम्हार मिट्टी को घड़े का आकार देता है, उसी प्रकार शिक्षक विद्यार्थी के जीवन को मूल्यवान बनाता है। शिक्षक के साथ हमारा संबंध बौद्धिक और आंशिक है।
डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के उपलक्ष्य में हर साल शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इस दिन को और प्रेरक बनाने के लिए शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार पद्मश्री से सम्मानित किया जाता है।

आइए आपको बताते है किन शिक्षकों को अब तक ये राष्ट्रीय सम्मान मिला है

प्रो. नजमा अख्तर साहित्य और शिक्षा दिल्ली
पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुनी गईं दिल्ली के जामिया मिलिया विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नजमा अख्तर की बरेली में ससुराल है। उनके भवन में जवाहर मेमोरियल स्कूल चल रहा है।

टी सेनका ए. साहित्य और शिक्षा नगालैंड
टी सेनका एओ मीडिया साहित्य, शिक्षा और सामाजिक कार्य के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व है। वह पिछले 20 वर्षों से 'आओ मिलें' के प्रधान संपादक हैं, जो एओ भाषा का पहला समाचार पत्र है।

रघुवेंद्र तंवर साहित्य और शिक्षा हरियाणा
प्रोफेसर रघुवेंद्र तंवर को भारत सरकार की तरफ से भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद का अध्यक्ष भी लगाया है।

अखोन असगर अली बशारत साहित्य और शिक्षा लद्दाख
अखोन असगर अली बशारत, जिन्हें साहित्य और शिक्षा के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया था, कभी स्कूल नहीं गए और उनके पिता ने उन्हें घर पर ही पढ़ाया था, जिन्होंने सुदूर कागरिल गांव में अपने घर पर एक मदरसा स्थापित किया था.

गिरधारी राम घोंज (मरणोपरांत) साहित्य और शिक्षा झारखंड
झारखंड के प्रख्यात साहित्यकार, शिक्षाविद् एवं संस्कृतिकर्मी डॉ. गिरिधारी राम गोंझू को मरणोपरांत साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में पद्मश्री सम्मान दिया जाएगा।

शैबाल गुप्ता (मरणोपरांत) साहित्य और शिक्षा बिहार
प्रसिद्ध अर्थशास्त्री, सेंटर फॉर इकोनामिक पॉलिसी एंड पब्लिक फाइनेंस के पूर्व निदेशक और आद्री के पूर्व सदस्य सचिव स्वर्गीय शैबाल गुप्ता को (मरणोपरांत) साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किए जाने की घोषणा पर प्रसन्नता व्यक्त की है
.
अवध किशोर जाड़िया साहित्य एवं शिक्षा मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के श्री अवध किशोर जाड़िया जी को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हेतु पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।यह सम्मान आपके साहित्य के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान का एक और प्रतिमान है।

दिलीप शाहनी साहित्य और शिक्षा दिल्ली
भारतीय इंजीनियर, शिक्षाविद और तकनीशियन हैं। वह शिक्षा और तकनीकि के विशेषज्ञ माने जाते हैं। भारत की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के टेक्नलॉजी प्लेटफॉर्म पर उनका काम काफी अहम माना जाता है।

इनके अलावा:-

तारा जौहर साहित्य और शिक्षा दिल्ली
रटगर के. आर्टेनहॉर्स्ट साहित्य और शिक्षा आयरलैंड
पी नारायण कुरुप साहित्य और शिक्षा केरल
वी.एल. नघाका साहित्य और शिक्षा मिजोरम
चिरापत प्रपंडविद्या साहित्य और शिक्षा थाईलैंड
विद्यानन्द सरेक साहित्य और शिक्षा हिमाचल प्रदेश
काली पी सरें साहित्य और शिक्षा पश्चिम बंगाल
विश्वमूर्ति शास्त्री साहित्य और शिक्षा जम्मू-कश्मीर
तातियाना एल. शौमयान साहित्य और शिक्षा रूस

सिद्धलिंगैया (मरणोपरांत) साहित्य और शिक्षा कर्नाटक
विद्या विंदु सिंह साहित्य एवं शिक्षा उत्तर प्रदेश
बडापलिन वार साहित्य और शिक्षा मेघालय
हरमोहिंदर सिंह बेदी साहित्य और शिक्षा पंजाब
मारिया क्रिस्टोफर बायरस्की साहित्य और शिक्षा पोलैंड
खलील धनतेजवि (मरणोपरांत) साहित्य और शिक्षा गुजरात
धनेश्वर इंगती साहित्य और शिक्षा असम
नरसिम्हा राव गरिकापति साहित्य और शिक्षा आंध्र प्रदेश