करौली

राजस्थान में फिर भड़की आरक्षण की आग, विजय बैंसला ने CM भजनलाल को लिखी चिट्ठी, क्या बदलेगा TSP क्षेत्रों का गणित?

Gurjar Community Demand Reservation: राजस्थान में टीएसपी क्षेत्र की आरक्षण व्यवस्था को लेकर विवाद फिर तेज हो गया है। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर TSP क्षेत्रों में MBC, OBC और EWS वर्ग को भी आरक्षण देने की मांग की है।

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Mar 16, 2026
सीएम भजनलाल शर्मा और विजय बैंसला (फोटो-पत्रिका)

Gurjar Aarakshan Sangharsh Samiti: राजस्थान में आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर प्रदेश के TSP (Tribal Sub Plan) क्षेत्रों में रहने वाले MBC, OBC और EWS वर्गों के लिए आरक्षण की मांग उठाई है।

समिति के अध्यक्ष विजय बैंसला ने इस मामले में 'संवैधानिक अधिकारों के हनन' का हवाला देते हुए तुरंत हस्तक्षेप की अपील की है। विजय बैंसला द्वारा प्रेषित पत्र में जोर दिया गया है कि वर्तमान आरक्षण नीति के कारण TSP क्षेत्रों में रहने वाले इन वर्गों के युवा सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में अपने अधिकारों से वंचित हो रहे हैं।

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पत्र में संविधान के अनुच्छेद-15 और 16 का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि राज्य किसी भी नागरिक के साथ उसके जन्म स्थान या निवास के आधार पर भेदभाव नहीं कर सकता। समिति का तर्क है कि मौजूदा नीति के चलते एक ही राज्य के भीतर दो अलग-अलग सामाजिक स्थितियां बन गई हैं, जो समानता के अधिकार के विरुद्ध है।

आंकड़ों का गणित: TSP बनाम गैर TSP (पत्र में आरक्षण के वितरण में भारी असमानता को स्पष्ट किया गया है)

  • गैर-TSP क्षेत्र- SC, ST, MBC, OBC और EWS को मिलाकर कुल 64% आरक्षण का लाभ।
  • TSP क्षेत्र- केवल ST और SC वर्ग के लिए 50% आरक्षण सीमित, शेष 50% पूरी तरह अनारक्षित।

इस व्यवस्था के कारण TSP क्षेत्र के MBC, OBC और EWS युवाओं को अनारक्षित श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है, जिससे उन्हें वह लाभ नहीं मिल पाता, जो राज्य के अन्य हिस्सों में रहने वाले उन्हीं के वर्ग के युवाओं को मिलता है।

क्षेत्रीय असमानता दूर करने की मांग

समिति ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि TSP क्षेत्र की आगामी सभी भर्तियों और शिक्षण संस्थानों के प्रवेश में गैर-TSP क्षेत्रों की तर्ज पर ही आरक्षण लागू किया जाए। बैंसला ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस लंबे समय से चली आ रही विसंगति को दूर करेगी ताकि किसी भी युवा को केवल उसके निवास स्थान के आधार पर संवैधानिक लाभों से वंचित न रहना पड़े।

समिति का मानना है कि यदि सरकार इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाती है, तो यह संविधान की मूल भावना समानता के अनुरूप होगा और हजारों युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सकेगा।

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Published on:
16 Mar 2026 03:13 pm
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