
कासगंज। जनपद के सोरों शूकर क्षेत्र को तीर्थस्थल घोषित किये जाने की मांग को लेकर आंदोलन तीसरे चरण में पहुंच गया है। तीर्थनगरी के वांशिदों ने अर्द्धनग्न प्रदर्शन कर सरकार को तीर्थ घोषित कराये जाने की मांग उठाई। साथ ही उन्होंने तीर्थ नगरी घोषित न किए जाने को आंदोलन अनवरत रूप से जारी रखने की चेतावनी।
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वादा भूल गई सरकार
सोरों शूकर क्षेत्र के तीर्थपुरोहित हाथों में श्लोग्न से लिखी तख्तियां लेकर योगी सरकार से खासे नाराज हैं, क्योंकि बीजेपी सरकार ने सत्ता हासिल करने से पूर्व सोरों शूकर को तीर्थस्थल घोषित किए जाने का वादा किया था। लेकिन सरकार बनने के बाद भी आज तक सरकार ने वादा पूरा नहीं किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि हमारी मांगे पूरी करों, सोरों को तीर्थ स्थल घोषित करो, अभी नहीं तो कभी नहीं, जैसे नारे लगाकर बीजेपी सरकार का विरोध जताया।
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जलसमाधि की चेतावनी
इस मौके पर भूपेश शर्मा ने बताया कि अगर सरकार ने सोरों तीर्थनगरी को घोषित नहीं किया तो वह लगातार आंदोलन करते रहेंगे। तीर्थनगरी घोषित कराने के छिड़े आंदोलन में तीर्थ पुरोहितों के साथ-साथ विकलांग युवक और साधु संत भी आगे आ रहे हैं। इस दौरान विकलांग मोनू पंडित ने बताया कि मोदी योगी सरकार से हाथ जोड़कर विनती है कि वह सोरों को तीर्थस्थल घोषित कर दें, अन्यथा वह जलसमाधि लगायेंगे, हजारों विकलांगो के साथ रोड जाम करेंगे।
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