
kantni news: मध्यप्रदेश के कटनी शहर में बुधवार को जिला अस्पताल में उपचार के दौरान 14 वर्षीय बालिका की मौत के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता भी जिला अस्पताल पहुंच गए और अस्पताल के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस बल को मौके पर तैनात करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार शहर के तिलक महाविद्यालय के समीप स्थित जागृति कॉलोनी निवासी स्नेहा शुक्ला (14), पिता आदित्य कुमार शुक्ला को पेट में तेज दर्द की शिकायत होने पर परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के करीब आधे घंटे के भीतर ही उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। उनका कहना है कि समय पर उचित इलाज नहीं मिलने और चिकित्सकीय लापरवाही के कारण उनकी बेटी की जान गई।
बालिका की मौत की खबर फैलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषी चिकित्सकों पर कार्रवाई की मांग की। कुछ ही देर में बजरंग दल के कार्यकर्ता भी अस्पताल पहुंच गए और मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
इधर, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। बालिका के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और उसकी रिपोर्ट के साथ उपचार संबंधी सभी तथ्यों की जांच की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं यह घटना एक बार फिर जिला अस्पताल की आपातकालीन उपचार व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े कर रही है।
वही दूसरी ओर कटनी में आयोजित जनसुनवाई में जिला मुख्यालय पर लोगों की समस्याओं का अंबार देखने को मिला। कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई जिलेभर से आए 232 आवेदकों की शिकायतें सुनीं, वहीं पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। दोनों स्थानों पर अधिकारियों ने संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में प्रधानमंत्री आवास योजना, भूमि विवाद, नामांतरण, सीमांकन, नक्शा सुधार, बिजली बिल संशोधन, ट्रांसफार्मर स्थापना, राशन आवेदन सामने आए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर आशीष तिवारी ने कहा कि जनसुनवाई शासन और जनता के बीच भरोसे का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए हर आवेदन को गंभीरता से लेते हुए ऐसा समाधान किया जाए कि लोगों को एक ही समस्या के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े। इधर, पुलिस जनसुनवाई आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य, एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी, एसडीओपी धीरेन्द्र धावें और डीएसपी रत्नेश मिश्रा ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं।